चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। चार घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन बैठक के बाद बिजली कर्मचारी यूनियनों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पहुंचे। प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और आम जनता को हो रही परेशानियों के बीच सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत हुई। बिजली विभाग के निजीकरण और ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर कर्मचारी यूनियनें विरोध कर रही थीं। हड़ताल के चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई थीं। इससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही थी।
मैराथन बैठक के बाद हड़ताल खत्म करने का ऐलान
हड़ताल के समाधान के लिए सरकार और बिजली कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच लंबी बैठक हुई। बैठक में पहले ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बातचीत की। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी बैठक में पहुंचे। चार घंटे से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद बिजली यूनियनों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। हड़ताल समाप्त होने के फैसले से बिजली व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, निजीकरण और ठेकेदारी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बैठक में हुए विस्तृत निर्णयों की जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

बिजली संकट के बीच सरकार ने की बातचीत
हड़ताल के कारण प्रदेश के कई जिलों और क्षेत्रों में बिजली संकट की स्थिति बनी हुई थी। लोगों को बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में हड़ताल समाप्त कराने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार तथा कर्मचारी यूनियनों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण रही। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बैठक में शामिल होने के बाद वार्ता आगे बढ़ी और अंततः यूनियनों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। अब कर्मचारियों के काम पर लौटने के साथ बिजली आपूर्ति बहाल होने और स्थिति सामान्य होने पर नजर रहेगी।





