देहरादून में देशभर की प्रतिभाओं का महाकुंभ, 10 राज्यों की विभूतियां अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान से सम्मानित

देहरादून में देशभर की प्रतिभाओं का महाकुंभ, 10 राज्यों की विभूतियां अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान से सम्मानित समाज सेवा, साहित्य, कला, पत्रकारिता, शिक्षा और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों का हुआ सम्मान

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नई दिल्ली/देहरादून, 26 अक्टूबर। देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी प्रतिभा, मेहनत और समाज सेवा के बल पर विशेष पहचान बनाने वाली विभूतियों का उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अनूठा संगम देखने को मिला। समाज सेवा, साहित्य, पत्रकारिता, फिल्म निर्माण, संगीत, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, कृषि और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को एक मंच पर सम्मानित किया गया। अवसर था श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट, उत्तराखंड की ओर से आयोजित तृतीय अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान समारोह का, जिसमें देश के 10 राज्यों से पहुंचीं प्रतिभाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया गया। समारोह की विशेष बात यह रही कि इसमें समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से काम करने वाले उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से न केवल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया, बल्कि अपनी प्रतिभा और सेवा भावना से दूसरों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीश राजेश टंडन और संत लोकेश दास सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने सम्मानित विभूतियों के सामाजिक योगदान की सराहना की। समारोह में राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ उत्तराखंड में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं को राज्य स्तरीय हरिवंश सम्मान भी प्रदान किया गया।

समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा समारोह

श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, शिक्षाविद, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ और लोक संस्कृति के संरक्षण में जुटे लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ ट्रस्ट की संरक्षिका कमला देवी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। समारोह में पहुंचे अतिथियों का स्वागत किया गया और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं के कार्यों को सराहा गया। आयोजकों ने कहा कि देश में ऐसे हजारों लोग हैं, जो बिना किसी स्वार्थ, राजनीतिक महत्वाकांक्षा या व्यक्तिगत लाभ के समाज के लिए काम करते हैं। इनमें से अनेक लोगों के कार्यों को व्यापक पहचान नहीं मिल पाती। हरिवंश सम्मान समारोह का उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों को सामने लाना और उनके योगदान को सम्मान देना है।

सम्मान केवल पुरस्कार नहीं, समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक : योगिता जोशी

ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती योगिता जोशी ने कहा कि अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान का उद्देश्य समाज के उन लोगों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज सेवा केवल आर्थिक सहायता करने तक सीमित नहीं है। शिक्षा के क्षेत्र में किसी जरूरतमंद बच्चे को आगे बढ़ाना, स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों की मदद करना, पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना, भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखना तथा पत्रकारिता के माध्यम से जनहित के मुद्दों को सामने लाना भी समाज सेवा के महत्वपूर्ण रूप हैं। योगिता जोशी ने कहा कि सम्मानित होने वाली प्रत्येक विभूति अपने क्षेत्र में समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। इन लोगों ने अपने कार्यों के माध्यम से यह साबित किया है कि यदि मन में समाज के लिए कुछ करने का संकल्प हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े बदलाव की शुरुआत की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हरिवंश सम्मान के माध्यम से ट्रस्ट का प्रयास है कि समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए और उनके अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।

अलग-अलग राज्यों की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाना बड़ी उपलब्धि : चंद्रवीर गायत्री

ट्रस्ट के राष्ट्रीय सचिव चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान समारोह की सबसे बड़ी विशेषता देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में कार्य करने वाली प्रतिभाओं को एक मंच पर सम्मानित करना है। उन्होंने कहा कि देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अलग-अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक परिवेश से जुड़े लोग जब एक मंच पर आते हैं, तो उनके बीच विचारों, अनुभवों और कार्यशैली का आदान-प्रदान होता है। चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहते, बल्कि सामाजिक सहयोग और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट भविष्य में भी समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, साहित्य, संस्कृति और जनहित के क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करता रहेगा।

10 राज्यों की प्रतिभाओं को मिला अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान 2026

समारोह में विभिन्न राज्यों से पहुंचीं प्रतिभाओं को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान 2026 प्रदान किया गया। ओडिशा की अभिनिभा पाड़ा को गायन एवं संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। बिहार के आदर्श भारद्वाज को साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया। मुंबई, महाराष्ट्र की उर्मिला नेगी को फिल्म निर्माण, निर्देशन और अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कला और सिनेमा के माध्यम से समाज तक महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। बजू देवी और एंजल शर्मा को आपातकालीन जनसेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। गुरुग्राम, हरियाणा के डॉ. डी.पी. गोयल को स्वास्थ्य सेवाओं और जैन समाज से जुड़े सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रविता राठी को समाज सेवा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। तमिलनाडु के जी. परमासिवन को जनसेवा एवं सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए सम्मान मिला। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगायिका मीना राणा को लोक गायन और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। दिल्ली और हरियाणा से जुड़े श्री गणेश सिंह चौहान को पत्रकारिता एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

इसी क्रम में उत्तराखंड के हिंदू सिंह नेगी को उद्यान के क्षेत्र में उनके कार्यों और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में सम्मानित प्रतिभाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए आयोजकों ने कहा कि इन सभी व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्रों में समाज के लिए काम करने का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अलग-अलग राज्यों से आई इन प्रतिभाओं ने यह संदेश दिया कि समाज सेवा की भावना किसी एक प्रदेश, भाषा या समुदाय तक सीमित नहीं है।

समाज सेवा का जुनून रखने वाले लोग हमेशा समाज का भला करते हैं : राजेश टंडन

समारोह में पूर्व न्यायाधीश राजेश टंडन ने सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज सेवा का जुनून रखने वाले लोग हमेशा समाज की भलाई के लिए काम करते हैं और ऐसे लोगों पर पूरे समाज को गर्व होता है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान केवल उसके पद, प्रतिष्ठा या आर्थिक स्थिति से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि उसने अपने जीवन में समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए कितना योगदान दिया है। राजेश टंडन ने कहा कि न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिला। इस अनुभव ने उन्हें यह महसूस कराया कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज सेवा से मिलने वाली आत्मसंतुष्टि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। समाज के लिए समर्पित लोगों को सम्मानित करने से उनके भीतर नई ऊर्जा का संचार होता है और अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने हरिवंश स्मृति ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

युवाओं को समाज के उत्थान के लिए आगे आना होगा : संत लोकेश दास

समारोह में संत लोकेश दास ने कहा कि समाज के लिए कार्य करने वाले लोगों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। ऐसे सम्मान लोगों को भविष्य में और अधिक उत्साह के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझे और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आए। संत लोकेश दास ने कहा कि समाज का उत्थान केवल सरकारों और संस्थाओं के प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी समाज सेवा के कार्यों में हमेशा बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं और उनका प्रयास रहता है कि समाज की भलाई के लिए अधिक से अधिक काम किया जाए। संत लोकेश दास ने कहा कि मानव जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य दूसरों के दुख-दर्द को समझना और उनकी सहायता करना होना चाहिए। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर समाज सेवा की कामना की।

उत्तराखंड की लोक संस्कृति और कला को भी मिला सम्मान

समारोह में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले लोगों के योगदान की भी सराहना की गई। लोकगायिका मीना राणा सहित कला और संगीत से जुड़ी प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने को आयोजकों ने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति भारतीय सभ्यता की अनमोल धरोहर है। इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में लोक कलाकारों, साहित्यकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के योगदान की सराहना

अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान समारोह में पत्रकारिता के क्षेत्र में समाज के लिए किए जा रहे कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया। दिल्ली-हरियाणा से जुड़े श्री गणेश सिंह चौहान को पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता समाज की समस्याओं, जनहित के मुद्दों और जरूरतमंद लोगों की आवाज को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले पत्रकारों का योगदान भी जनसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सहयोग का संदेश

समारोह में विभिन्न राज्यों से पहुंचे सम्मानित व्यक्तित्वों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और अपने अनुभव साझा किए। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को भी मजबूत करते हैं। जब अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोग एक मंच पर आते हैं, तो उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और भविष्य में मिलकर समाज के लिए काम करने का अवसर मिलता है। समारोह में फिल्म, संगीत, साहित्य, पत्रकारिता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण, कृषि और समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़ी प्रतिभाओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।

जीवनभर समाज सेवा करते रहने का लिया संकल्प

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों और सम्मानित विभूतियों ने समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर सभी ने संकल्प लिया कि वे जीवनभर समाज के उत्थान, जरूरतमंदों की सहायता, शिक्षा के प्रसार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संवर्धन के लिए कार्य करते रहेंगे। ट्रस्ट की ओर से समारोह में पहुंचे मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित प्रतिभाओं, कलाकारों, पत्रकारों, सहयोगियों और गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष योगिता जोशी और राष्ट्रीय सचिव चंद्रवीर गायत्री ने कहा कि ट्रस्ट भविष्य में भी समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का कार्य जारी रखेगा। देहरादून में आयोजित तृतीय अखिल भारतीय हरिवंश सम्मान समारोह केवल प्रतिभाओं को सम्मानित करने का आयोजन नहीं रहा, बल्कि इसने देशभर से पहुंचे समाजसेवियों, कलाकारों, साहित्यकारों और अन्य क्षेत्रों की विभूतियों को एक मंच पर जोड़कर सामाजिक एकता, सहयोग और जनसेवा का संदेश भी दिया। समारोह ने यह संदेश दिया कि समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्वों का सम्मान नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

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Author: New India News Network

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