गुरुग्राम, 30 अक्टूबर। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शुक्रवार को शिकोहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया।
देश के करोड़ों किसान अपनी मेहनत और परिश्रम से न केवल राष्ट्र की खाद्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं

कार्यकम को संबोधित करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की समृद्धि, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास का आधार है। देश के करोड़ों किसान अपनी मेहनत और परिश्रम से न केवल राष्ट्र की खाद्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए अनेक प्रभावी कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को सीधे आर्थिक सहायता दी जा रही है, वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान के जोखिम से सुरक्षा प्रदान कर रही है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए कृषि ऋण की उपलब्धता आसान हुई है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य कृषि को पारंपरिक तौर-तरीकों से आगे बढ़ाकर आधुनिक, तकनीक आधारित और टिकाऊ खेती के रूप में विकसित करना है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि के साथ उनकी उत्पादन क्षमता भी बढ़े। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसी पहल के माध्यम से जल के कुशल उपयोग और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, खाद्य तेलों और दालों के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष मिशन शुरू किए गए हैं, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू किसानों को उत्पादन के नए अवसर मिलें। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से किसानों को रसायन मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का व्यापक उद्देश्य किसान को आर्थिक रूप से मजबूत, खेती को अधिक लाभकारी और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में किसानों की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
जल संरक्षण के लिए किसान कम पानी वाली फसलों और फसल विविधीकरण को दें प्राथमिकता : राव इंद्रजीत सिंह
राव इंद्रजीत सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे गिरते भूजल स्तर और जल संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों पर निर्भरता कम कर मक्का, बाजरा, दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। फसल विविधीकरण से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आमदनी के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसानों की जागरूक भागीदारी से ही टिकाऊ कृषि व्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। कार्यक्रम में भाजपा गुरुग्राम महानगर जिला अध्यक्ष अजीत यादव, भाजपा किसान मोर्चा के हरियाणा प्रदेश महामंत्री विरेंद्र यादव, मुकेश यादव जैलदार, पूर्व जिला पार्षद वीरेंद्र सिंह हब्लू नंबरदार, पार्षद सुमन यादव, पटौदी जटौली मंडी मार्केट कमेटी के चेयरमैन मनोज मोकलवास, किसान मोर्चा गुरुग्राम से अमित भारद्वाज, पूर्व चेयरमैन राव अभय सिंह, कृषि विभाग से उपनिदेशक महावीर मलिक सहित कृषि विज्ञान केंद्र से
डॉ. बी.के. नंदा, हेड कृषि विज्ञान केंद्र, डॉ. भरत सिंह, एसएमएस प्लांट प्रोटेक्शन, डॉ. कविता बिष्ट, एसएमएस होम साइंस, डॉ. नेहा, एसएमएस वेटेरिनरी पैथोलॉजी, हरेंद्र सिंह दहिया, एसएमएस एग्रोनॉमी, एल.एन. यादव, फार्म मैनेजर कृषि तथा अन्य अधिकारी तथा प्रगतिशील किसान तथा अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।







