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आज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति सर्वसंपत्प्रदे देवि! भक्तकामार्तिनाशिनि। स्वर्णमाल्यधरे देवि! महालक्ष्मि! नमोऽस्तु ते।” जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मि...