आज का संस्कारी विद्यार्थी ही कल के विकसित भारत की सबसे मजबूत ताकत” : सर्वप्रिय त्यागी
विकसित भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : सर्वप्रिय त्यागी
शिक्षा के साथ संस्कार, स्वास्थ्य और राष्ट्रप्रेम को जीवन का हिस्सा बनाएं विद्यार्थी : सर्वप्रिय त्यागी
शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम से ही बनेगा विकसित भारत : सर्वप्रिय त्यागी
गुरुग्राम, 29 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी गुरुग्राम के जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी आज नवोत्तम विद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। विद्यालय प्रबंधन एवं अध्यापकों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया।बच्चों को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि देश का भविष्य आज के विद्यालयों में तैयार हो रहा है। विद्यार्थी केवल अच्छे अंक प्राप्त करने या व्यक्तिगत सफलता हासिल करने के लिए ही मेहनत न करें, बल्कि अपने व्यक्तित्व को इतना सक्षम और संस्कारित बनाएं कि वे आगे चलकर परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। सर्वप्रिय त्यागी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का हर बच्चा ज्ञानवान होने के साथ-साथ सक्षम, संस्कारी, स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनेगा। आज का आत्मविश्वासी और संस्कारी विद्यार्थी ही कल के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की सबसे मजबूत ताकत बनेगा।

सर्वप्रिय त्यागी ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ-साथ उसे सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता प्रदान करती है। उन्होंने बच्चों से नियमित अध्ययन करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है, इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। नियमित व्यायाम, खेलकूद, पौष्टिक भोजन और अनुशासित दिनचर्या को जीवन का हिस्सा बनाकर विद्यार्थी अपने शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बना सकते हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने बच्चों को राष्ट्रप्रेम का संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम केवल नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना, अनुशासन में रहना, पर्यावरण की रक्षा करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और देश की प्रगति में अपना योगदान देना भी सच्ची राष्ट्रसेवा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें, क्योंकि माता-पिता जीवन की पहली पाठशाला और शिक्षक जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने बच्चों से अपने अंदर ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम, संवेदनशीलता और सेवा भावना जैसे गुण विकसित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर सर्वप्रिय त्यागी ने विद्यालय के प्रिंसिपल एवं सभी अध्यापकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और जिम्मेदारी का बोध कराने के लिए उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।








