कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, हत्या की साजिश और उत्पीड़न के आरोप; तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

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देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खबर सामने आई कि राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने ही पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर प्रशासन तक में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। बताया जा रहा है कि मुकदमा दर्ज कराने के कुछ ही घंटों बाद मंत्री रेखा आर्य की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। यह पूरा मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि रेखा आर्य उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य, नागरिक आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों की कैबिनेट मंत्री हैं और लगातार महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की बात करती रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच पिछले कुछ समय से पारिवारिक अनबन चल रही थी। सूत्रों का कहना है कि यह विवाद निजी और पारिवारिक कारणों से जुड़ा हुआ है, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया। बताया जा रहा है कि सोमवार देर शाम रेखा आर्य ने देहरादून के एक थाने में पहुंचकर अपने पति के खिलाफ लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक FIR में लगाई गई धाराओं का खुलासा नहीं किया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मामला घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, धोखाधड़ी या किसी अन्य कारण से जुड़ा है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

मुकदमा दर्ज कराने के बाद मंत्री रेखा आर्य बेहद तनाव में आ गईं। बताया जा रहा है कि देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें घबराहट, ब्लड प्रेशर बढ़ने और बेचैनी की शिकायत हुई, जिसके बाद परिजनों और समर्थकों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को फिलहाल स्थिर बताया है, लेकिन उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

कौन हैं रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू?

रेखा आर्य उत्तराखंड की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं। वह सोमेश्वर विधानसभा सीट से विधायक हैं और वर्तमान धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वह भाजपा की फायरब्रांड महिला नेत्री के रूप में जानी जाती हैं। वहीं उनके पति गिरधारी लाल साहू भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं और कई बार उनके नाम पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा होती रही है। दोनों की शादी को कई साल हो चुके हैं और पहले भी उनके बीच मनमुटाव की खबरें आती रही हैं, लेकिन इस तरह थाने तक मामला पहुंचना पहली बार हुआ है।

सियासी गलियारों में हलचल

इस घटना के बाद उत्तराखंड की सियासत में भूचाल आ गया है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। कांग्रेस का कहना है कि जब राज्य की महिला कैबिनेट मंत्री ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा का क्या होगा? वहीं भाजपा खेमे में इस मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मामले को पूरी तरह से व्यक्तिगत और पारिवारिक मामला बता रहे हैं और इससे पार्टी या सरकार को जोड़ने से बच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

कानूनी पहलू क्या कहता है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है तो पुलिस को नियमानुसार जांच करनी होगी। घरेलू हिंसा अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है। अगर मामला गंभीर पाया जाता है तो पुलिस को बयान दर्ज करने और साक्ष्य जुटाने होंगे। चूंकि मामला हाई-प्रोफाइल है, इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल सबकी नजरें दो बातों पर टिकी हैं। पहली, मंत्री रेखा आर्य की सेहत में कितनी जल्दी सुधार होता है और दूसरी, पुलिस जांच में क्या निकलकर सामने आता है। क्या दोनों के बीच सुलह-समझौता होगा या मामला कोर्ट तक जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों का निजी जीवन भी कितना चुनौतीपूर्ण होता है और किस तरह व्यक्तिगत विवाद सार्वजनिक हो जाते हैं। फिलहाल न्यू इंडिया न्यूज नेटवर्क इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही पुलिस या अस्पताल की ओर से कोई आधिकारिक बयान आएगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।

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Author: New India News Network

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