देहरादून 19 अक्टूबर – शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति और सर्वांगीण विकास की पहचान बन चुके ग्रीनवुड हिल्स स्कूल में रविवार को वार्षिक समारोह एवं पुरस्कार वितरण दिवस-2026 बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। इस वर्ष के वार्षिकोत्सव की थीम ‘80 दिनों में विश्व भ्रमण’ रखी गई थी, जो जूल्स वर्न के प्रसिद्ध उपन्यास से प्रेरित थी। इस थीम पर विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं और मंच के माध्यम से पूरी दुनिया की सैर करा दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों से लेकर सीनियर कक्षाओं तक के विद्यार्थियों ने इस समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसने अन्य छात्रों को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राज्य मंत्री खजान दास
इस भव्य समारोह में उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री खजान दास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनका विद्यालय परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि खजान दास ने विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रीनवुड हिल्स स्कूल न केवल देहरादून बल्कि पूरे उत्तराखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है। यहां बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। उन्होंने कहा कि ‘80 दिनों में विश्व भ्रमण’ जैसी थीम बच्चों में वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करती है और उन्हें विभिन्न देशों की संस्कृतियों को समझने का मौका देती है। उन्होंने मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यही बच्चे देश का भविष्य हैं और इनके सम्मान से अन्य बच्चों में भी आगे बढ़ने की ललक पैदा होती है।समारोह में विद्यालय के चेयरमैन सुमित नंदा, निर्देशिका निधि नंदा और सीईओ डॉ. उदय नंदा की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा देहरादून के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षाविद, अभिभावक और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। पूरा सभागार अभिभावकों और दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था।
प्रधानाचार्य ने प्रस्तुत की वार्षिक रिपोर्ट
कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरीश आहूजा ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विस्तार से बताया कि सत्र 2025-26 में विद्यालय ने किन-किन उपलब्धियों को हासिल किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय के छात्रों ने उत्कृष्ट परिणाम दिए हैं। खेलकूद के क्षेत्र में भी छात्रों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। विज्ञान, गणित ओलंपियाड, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल अच्छे अंक लाने वाले छात्र बनाना नहीं, बल्कि अच्छे इंसान बनाना है। उन्होंने विद्यालय में चल रही स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य आधारभूत सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नए-नए प्रयास कर रहा है।
80 दिनों में विश्व भ्रमण थीम बनी आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष के वार्षिकोत्सव की सबसे बड़ी खासियत इसकी थीम रही। ‘80 दिनों में विश्व भ्रमण’ थीम पर विद्यार्थियों ने एक कहानी के रूप में पूरे कार्यक्रम को प्रस्तुत किया। मंच पर जैसे ही पर्दा खुला, दर्शक एक काल्पनिक विश्व यात्रा पर निकल पड़े। कार्यक्रम की शुरुआत लंदन से हुई, जहां ब्रिटिश संस्कृति, वहां के पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा को दर्शाया गया। इसके बाद छात्र फ्रांस पहुंचे, जहां पेरिस के एफिल टावर की प्रतिकृति और फ्रेंच संगीत ने समां बांध दिया। फिर बारी आई इटली, स्पेन, मिस्र की। मिस्र के पिरामिड और वहां के रहस्यमयी नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके बाद अफ्रीका के जंगलों, वहां के आदिवासी नृत्य, ढोल-नगाड़ों की थाप पर छात्रों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। भारत की प्रस्तुति सबसे खास रही। भारत की विविधता में एकता को दर्शाते हुए छात्रों ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोकनृत्य – भांगड़ा, गरबा, भरतनाट्यम, कथक और उत्तराखंडी लोकनृत्य की झलक दिखाई। जापान की चेरी ब्लॉसम थीम, चीन की ड्रैगन डांस, अमेरिका का ब्रॉडवे स्टाइल और ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी नृत्य ने इस विश्व भ्रमण को और भी यादगार बना दिया। प्रत्येक देश की प्रस्तुति के साथ उस देश के इतिहास, भूगोल और संस्कृति के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी जा रही थी, जिससे यह कार्यक्रम मनोरंजक होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धक भी बन गया। बच्चों ने अंग्रेजी, हिंदी और फ्रेंच भाषाओं में संवाद और गीत प्रस्तुत किए, जिसने उनकी बहुभाषी प्रतिभा को दर्शाया। कार्यक्रम में लगभग 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और हर प्रस्तुति में अनुशासन, समन्वय और अभ्यास की झलक साफ दिखाई दे रही थी। वेशभूषा, मंच सज्जा, लाइट और साउंड का संयोजन इतना शानदार था कि लग रहा था जैसे दर्शक सच में विश्व भ्रमण पर हों।
मेधावी छात्रों का सम्मान, बढ़ा हौसला
समारोह का दूसरा प्रमुख आकर्षण पुरस्कार वितरण समारोह रहा। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इसमें शैक्षणिक क्षेत्र में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के अलावा 100 प्रतिशत उपस्थिति, सर्वश्रेष्ठ अनुशासन, खेल, संगीत, कला, नेतृत्व और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को भी पुरस्कार दिए गए। मुख्य अतिथि खजान दास, चेयरमैन सुमित नंदा, निर्देशिका निधि नंदा और सीईओ डॉ. उदय नंदा ने छात्रों को मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। पुरस्कार पाकर छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे और अभिभावकों की आंखों में गर्व के आंसू थे। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया, जिन्होंने पूरे वर्ष छात्रों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।
निर्देशिका ने जताया आभार
समारोह के अंत में विद्यालय की निर्देशिका निधि नंदा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य अतिथि खजान दास, सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों, छात्रों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि ग्रीनवुड हिल्स स्कूल का लक्ष्य हर बच्चे की प्रतिभा को निखारना है और उसे वैश्विक नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के वार्षिकोत्सव बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देते हैं और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे विद्यालय के साथ मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करते रहें। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस समारोह ने न केवल छात्रों की प्रतिभा को सामने लाया, बल्कि यह भी साबित किया कि ग्रीनवुड हिल्स स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अभिभावक भी अपने बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर गदगद नजर आए और विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।




