मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि, बोले- अखंड भारत के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को दी श्रद्धांजलि, बोले- अखंड भारत के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय

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देहरादून, 31 अक्टूबर 2026। देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के घंटाघर स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भारत जिस एकता और अखंडता के साथ विश्व के सामने खड़ा है, उसकी मजबूत नींव रखने में सरदार वल्लभभाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के बल पर स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया।

560 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निभाई निर्णायक भूमिका

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरदार पटेल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण करना था। उस समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ संकल्प और प्रशासनिक क्षमता का परिचय देते हुए 560 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल के प्रयासों ने एक सशक्त और एकीकृत भारत के निर्माण की आधारशिला रखी। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण और देशहित को सर्वोपरि रखने की भावना आज भी सभी भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत है।

देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं सरदार पटेल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के प्रमुख शिल्पकारों में से एक थे।उन्होंने कहा कि देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरदार पटेल ने अपने नेतृत्व और निर्णय क्षमता से यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति तथा राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है जयंती

गौरतलब है कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सरदार पटेल को उनके दृढ़ नेतृत्व और निर्णय क्षमता के कारण ‘लौह पुरुष’ के नाम से जाना जाता है। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया जाता है।

कैबिनेट मंत्री खजान दास और मेयर सौरभ थपलियाल भी रहे मौजूद

देहरादून के घंटाघर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान का स्मरण किया गया और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

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Author: New India News Network

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