बर्फ में दबा मिला टेंट, 8 जिंदगियां अब भी लापता… केदारताल में पांचवें दिन फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, 4000 मीटर की ऊंचाई पर जिंदगी की तलाश

बर्फ में दबा मिला टेंट, 8 जिंदगियां अब भी लापता... केदारताल में पांचवें दिन फिर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, 4000 मीटर की ऊंचाई पर जिंदगी की तलाश

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उत्तरकाशी/देहरादून, 3 नवंबर (न्यू इंडिया न्यूज नेटवर्क)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित केदारताल ट्रेक पर लापता हुए आठ लोगों की तलाश लगातार जारी है। करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के पांचवें दिन मंगलवार सुबह एक बार फिर अभियान शुरू किया गया। इससे पहले सोमवार को SDRF की टीम को केदार खड़क के पास बर्फ में दबा एक टेंट मिला था। टेंट के आसपास कपड़े, चप्पल, खाने का सामान और एक बैग भी बरामद हुआ। इस सुराग से लापता लोगों की तलाश को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी, लेकिन आसपास के इलाके में खोजबीन के बावजूद कोई व्यक्ति नहीं मिला। लगातार बर्फबारी और बेहद कम विजिबिलिटी के कारण सोमवार शाम रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे मौसम में कुछ सुधार होने के बाद टीमें फिर से तलाश में जुट गईं। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी चुनौती मौसम और दुर्गम पहाड़ी रास्ते बने हुए हैं।

27 अक्टूबर को 13 लोगों का दल निकला था ट्रेकिंग पर

जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को सात ट्रैकर और छह सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। दल में पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर, उत्तर प्रदेश की दो महिला ट्रैकर और एक स्थानीय गाइड शामिल थे। इसके अलावा छह पोर्टर और कुक भी दल के साथ थे।योजना के मुताबिक दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था। लेकिन इसी दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम बिगड़ गया और भारी बर्फबारी के कारण रास्ते प्रभावित हो गए।30 अक्टूबर को दल के कुछ सदस्यों ने ट्रेकिंग एजेंसी से संपर्क कर मदद मांगी थी। उन्होंने बर्फबारी के कारण रास्ता बंद होने और आगे बढ़ने में परेशानी की जानकारी दी। इसके बाद दल से संपर्क टूट गया।

चार लोग सुरक्षित मिले, आठ की तलाश जारी

रेस्क्यू अभियान के दौरान चार लोगों को सुरक्षित खोज लिया गया। इनमें तीन पोर्टर और एक कुक शामिल थे। ये लोग कच्ची ढांग के आसपास मिले थे। उनके सुरक्षित मिलने के बाद बाकी आठ लोगों की तलाश तेज कर दी गई।सुरक्षित मिले लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, आठ लोग भोजखड़क से आगे के क्षेत्र में फंसे हो सकते हैं। इसी इलाके में हिमस्खलन की आशंका भी जताई गई थी।

बर्फ में दबा टेंट मिला, आसपास मिला सामान

सोमवार को SDRF की 10 सदस्यीय एडवांस टीम को हेलीकॉप्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्र में उतारा गया था। टीम ने केदार खड़क के आसपास तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान करीब 4000 मीटर की ऊंचाई पर बर्फ में दबा हुआ एक टेंट दिखाई दिया। टेंट के आसपास कपड़े, चप्पल, खाने का सामान और एक बैग मिला। इस बरामदगी को तलाश के लिहाज से अहम सुराग माना जा रहा है। इसके बाद टीम ने टेंट के आसपास करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी की। बर्फ से ढके रास्तों और आसपास के क्षेत्रों को खंगाला गया, लेकिन लापता लोगों का कोई पता नहीं चल पाया।

मौसम ने बार-बार रोका रेस्क्यू ऑपरेशन

केदारताल क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम की है। ऊंचाई पर लगातार बर्फबारी, तेज ठंड और कम विजिबिलिटी के कारण टीमों को आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही है। सोमवार को मौसम इतना खराब हो गया कि विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए अभियान रोकना पड़ा। मंगलवार सुबह मौसम में कुछ सुधार के बाद फिर से तलाश शुरू की गई।

SDRF और NIM की टीमें जुटीं

लापता लोगों की तलाश में SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की टीमें जुटी हुई हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, बर्फ से ढके रास्ते और ऑक्सीजन की कमी के बावजूद जवान लगातार अभियान चला रहे हैं। SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के दिशा-निर्देशों में अभियान संचालित किया जा रहा है। टीमों की प्राथमिकता लापता आठ लोगों का पता लगाना और उपलब्ध सुरागों के आधार पर संभावित क्षेत्रों की तलाशी करना है।

4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक पर रोक

इस घटना और खराब मौसम को देखते हुए उत्तरकाशी वन प्रभाग ने 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक के लिए परमिट जारी करने पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेगा। इसमें केदारताल, लमखागा पास, त्रिखंटा, कालिंदी खाल और उडनकोल जैसे ट्रेक शामिल हैं। इसके अलावा गंगोत्री नेशनल पार्क में गौमुख-तपोवन ट्रेक भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मार्ग की स्थिति का आकलन करने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेक दोबारा खोलने पर फैसला लिया जाएगा।

परिवारों की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर

लापता लोगों के परिजन लगातार प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से संपर्क बनाए हुए हैं। पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से जुड़े परिवारों को अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी का इंतजार है। फिलहाल सभी की निगाहें मौसम और रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं। टेंट और अन्य सामान मिलने के बाद तलाश के लिए कुछ अहम सुराग जरूर मिले हैं, लेकिन आठ लोगों के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।

अब आगे क्या?

मौसम अनुकूल रहने पर टीमें भोजखड़क और केदार खड़क के आसपास के संभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान आगे बढ़ाएंगी। खराब मौसम और बर्फबारी के कारण अभियान की गति प्रभावित हो सकती है। केदारताल की कठिन परिस्थितियों के बीच SDRF और NIM के जवान लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बर्फ की मोटी परतों के बीच आठों लोगों का कोई और सुराग मिल पाएगा?

न्यू इंडिया न्यूज नेटवर्क इस रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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Author: New India News Network

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