पुरानी वीडियो को ताजा स्टिंग बताकर प्रसारित करने का आरोप, लिविंग इंडिया न्यूज के MD समेत पांच पदाधिकारी गिरफ्तार

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कुरुक्षेत्र पुलिस की कार्रवाई, शिकायतकर्ता को कथित रूप से डराने-धमकाने और दबाव बनाने के आरोपों की भी जांच

कुरुक्षेत्र, 10 अक्टूबर। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लिविंग इंडिया न्यूज के पांच पदाधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि करीब छह माह पुरानी निजी वीडियो को ताजा घटना का गुप्त स्टिंग बताकर प्रसारित किया गया। इसके अलावा, वीडियो की सच्चाई उजागर करने के नाम पर शिकायतकर्ता को कथित रूप से डराने-धमकाने और अनुचित दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चैनल के प्रबंध निदेशक अतुल अग्रवाल, संपादक सौरभ, समाचार प्रस्तोता सुदेश नैन तथा पत्रकार नीतू और लवप्रीत शामिल हैं। पुलिस मामले में वीडियो के निर्माण, उसके प्रसारण और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को बनाई गई उसकी निजी वीडियो को चैनल ने ताजा घटना का गुप्त स्टिंग बताकर प्रसारित किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि वीडियो की वास्तविकता उजागर करने के नाम पर उसे डराया-धमकाया गया और उस पर अनुचित दबाव बनाया गया। शिकायत के आधार पर थाना शहर थानेसर में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले से जुड़े तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पांच पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया।

वीडियो की तारीख और प्रसारण की परिस्थितियों की जांच

पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाई गई थी और उसे किस आधार पर ताजा घटना के रूप में प्रस्तुत किया गया। जांच में वीडियो के वास्तविक समय, उसके निर्माण की परिस्थितियों और प्रसारण से संबंधित तथ्यों को अहम माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो को प्रसारित करने से पहले उसकी वास्तविकता की जांच की गई थी या नहीं।

मूल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच में मूल वीडियो, उसके बनाए जाने की तारीख और उसे रिकॉर्ड करने वाले व्यक्तियों से संबंधित जानकारी की पड़ताल की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के जरिए वीडियो के निर्माण और प्रसारण की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है। इन साक्ष्यों के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि वीडियो को किस संदर्भ में प्रसारित किया गया और मामले में शामिल लोगों की क्या भूमिका रही।

ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोपों की भी जांच

इस मामले में शिकायतकर्ता को कथित रूप से डराने-धमकाने और वीडियो की वास्तविकता उजागर करने के नाम पर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस इन आरोपों की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजरें

लिविंग इंडिया न्यूज के पांच पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो गई है। वीडियो की वास्तविकता, उसके प्रसारण का संदर्भ और शिकायतकर्ता को कथित रूप से डराने-धमकाने के आरोप जांच के प्रमुख बिंदु हैं। हालांकि, फिलहाल ये आरोप हैं और मामले में आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Author: New India News Network

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