दिल्ली 16 अक्टूबर / दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में होने वाले विरोध-प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के ऐलान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई कि प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित हो सकता है और छोटे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद है कि लोग समझदारी से काम लेंगे, क्योंकि व्यापार से कई परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को करने की बात कही और संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर आदेश जारी किया जा सकता है।इस पूरे विवाद के केंद्र में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके का प्रदर्शन का आह्वान है। उन्होंने आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में लोगों से आगे आने की अपील की है। इसके तहत दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च करने की घोषणा की गई है।

दरअसल, 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने गेट फांदकर परिसर में प्रवेश किया और तिरंगा लेकर नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। अगले दिन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और मजिस्ट्रेट ने उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
प्रदर्शन के खिलाफ याचिका में दलील दी गई कि कनॉट प्लेस एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में दुकानें, रेस्तरां और दूसरे कारोबार चलते हैं। ऐसे में बड़े प्रदर्शन के कारण बाजार की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि दुकानदार संभावित परेशानी को देखते हुए दुकानें बंद करने पर विचार कर रहे हैं। इससे छोटे कारोबारियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका है।
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग उठी थी। हालांकि, 15 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।प्रदर्शन की घोषणा के बाद नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का ध्यान कनॉट प्लेस के प्रवेश और निकास मार्गों पर निगरानी रखने तथा आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने पर है। सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।इधर, नई दिल्ली नगर परिषद यानी NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम जनता के लिए बंद रखने की घोषणा की है। दिल्ली पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि चुनिंदा लोगों को किसी उपयुक्त स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है।अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। सवाल यह है कि प्रदर्शन के अधिकार और दुकानदारों की रोजी-रोटी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा? फिलहाल अदालत ने तत्काल रोक नहीं लगाई है, लेकिन आगे जरूरत पड़ने पर आदेश जारी करने का विकल्प खुला रखा है।





