दिल्ली-NCR में लगातार दूसरे दिन बूंदाबांदी, ठंड ने दी दस्तक, प्रदूषण से राहत की उम्मीद

31 अक्टूबर से मौसम साफ होने की संभावना मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 31 अक्टूबर से बादल छंटने और नवंबर की शुरुआत में मौसम सामान्य होने का अनुमान है

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नई दिल्ली, 30 अक्टूबर। दिल्ली-एनसीआर में लगातार दूसरे दिन हुई बूंदाबांदी और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने सर्दी की दस्तक का एहसास करा दिया है। मौसम में आए इस बदलाव के चलते लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। वहीं, बारिश से प्रदूषण के स्तर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।

बारिश और ठंडी हवाओं से बदला मौसम का मिजाज

दिल्ली सहित गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में मौसम के बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन बूंदाबांदी और बारिश के कारण तापमान में गिरावट का एहसास हुआ। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने से लोगों ने हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मौसम में आए इस बदलाव से सर्दियों के आगमन का एहसास होने लगा है। विशेष रूप से सुबह के समय घरों से निकलने वाले लोगों और स्कूली बच्चों के लिए मौसम में बढ़ी ठंडक चिंता का विषय बन गई है।

बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाने के लिए अभिभावक सतर्क

मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए छोटे बच्चों के माता-पिता विशेष सावधानी बरत रहे हैं। सुबह के समय ठंडक बढ़ने के कारण कई अभिभावकों ने बच्चों को देर तक बिस्तरों में रखा और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचाया। अभिभावकों का कहना है कि बदलते मौसम में छोटे बच्चों को खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं होने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाए जा रहे हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम बदलने के दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को अत्यधिक ठंड या भीगने से बचाने के साथ-साथ साफ-सफाई और उचित खानपान का ध्यान रखना जरूरी है।

बारिश से प्रदूषण में राहत की उम्मीद

दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ समय से वायु प्रदूषण चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बारिश से वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कणों में अस्थायी कमी आ सकती है। हालांकि, प्रदूषण के स्तर में वास्तविक सुधार का आकलन वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई के आंकड़ों से ही किया जा सकता है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने और ठंडी हवाएं चलने से मौसम में बदलाव महसूस किया गया।

कई स्थानों पर जलभराव, राहगीरों को परेशानी

लगातार बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर के कुछ स्थानों पर सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की जानकारी भी सामने आई है। जलभराव के चलते पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ा।बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

बाजारों में गर्म कपड़ों की रौनक

मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ ही बाजारों में गर्म कपड़ों की रौनक भी दिखाई देने लगी है। दुकानों पर स्वेटर, जैकेट, बच्चों के गर्म कपड़े और अन्य सर्दियों के परिधान सजने लगे हैं।मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए आने वाले दिनों में गर्म कपड़ों की मांग बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए गर्म कपड़ों की खरीदारी को लेकर अभिभावक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

बारिश से दिल्ली का AQI 133 पर पहुंचा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से ऊपर था, लेकिन शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह चार बजे यह घटकर 133 दर्ज किया गया। इससे वायु गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गई।

31 अक्टूबर से मौसम साफ होने की संभावना

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। 31 अक्टूबर से बादल छंटने और नवंबर की शुरुआत में मौसम सामान्य होने का अनुमान है

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Author: New India News Network

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