नई दिल्ली/लंदन,3 नवम्बर 2026
- केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, लॉर्ड लूम्बा सहित अनेक वैश्विक हस्तियों शिरकत करेंगी
- हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स में अहिंसा विश्व भारती द्वारा ‘शांति,सद्भाव, विकास’ पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी
विश्व शांति, अहिंसा, सद्भावना एवं मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित संस्था अहिंसा विश्व भारती द्वारा 5 नवम्बर 2026 को ब्रिटिश संसद के ऐतिहासिक हाउस ऑफ लॉर्ड्स, लंदन में ”शांति, सद्भावना एवं विकास” (Peace, Harmony, Development”) विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी अहिंसा विश्व भारती तथा विश्व शांति केंद्र के संस्थापक विश्व शांतिदूत जैन आचार्य लोकेशजी के सान्निध्य में आयोजित होगी।जबकि संगोष्ठी में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर लॉर्ड लूम्बा, ब्रिटिश संसद के सम्मानित सदस्य, गुरु राजराजेश्वर जी, महेन्द्र सिंह जडेजा तथा विभिन्न देशों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियाँ शांति, सद्भावना और मानव कल्याण के विषयपर अपने विचार साझा करेंगे।
लंदन रवाना होने से पूर्व विश्व शांति केंद्र गुरुग्राम में आयोजित मंगल भावना समारोह को संबोधित करते हुएआचार्य लोकेशजी ने कहा कि आज संसार युद्ध, हिंसा,आतंकवाद, बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और पर्यावरण संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में विश्व समुदाय को शांति, अहिंसा, सहिष्णुता और आपसी सद्भावना के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। विश्व की बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान भी आपसी बातचीत, सार्थक संवाद, सहयोग और विश्वास के माध्यम से संभव है। मानवता का भविष्य युद्ध और विनाश में नहीं, बल्कि शांति, सद्भावना और सहअस्तित्व में सुरक्षित है।
इस अवसर पर ब्रिटेन से समागत अंतरराष्ट्रीय प्रख्यात अधिवक्ता डॉ. रेनू राज, यूएसए से समागत सामाजिक कार्यकर्ता तरूणा वर्मा, भारत से डॉ शूलपाणी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लंदन में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्व में शांति, सद्भावना और सौहार्द की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।आज पूरी दुनिया विभिन्न प्रकार के संघर्षों, तनावों और चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे समय आचार्य लोकेशजी द्वारा संचालित शांति, आपसी संवाद का अभियान अत्यंत आवश्यक है।








