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गौ सेवा और गौवंश की उन्नति से भारतीय धर्म तथा संस्कृति की उन्नति है, रोशन लाल।

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गौ सेवा और गौवंश की उन्नति से भारतीय धर्म तथा संस्कृति की उन्नति है, रोशन लाल।
तावडू, 14 जुलाई (नरेश मैहंदीरत्ता): वेद गौ सेवा की महिमा का गान करते हुए गौमाता को अवध्य कहा है। गौ सेवा सांस्कृतिक व धार्मिक कर्म है। गौ सेवा और गौवंश की उन्नति से भारतीय धर्म तथा संस्कृति की उन्नति है। इस कलयुग में विश्व की प्राय: सभी वस्तुओं के महत्व तथा उपयोगिता के प्रभाव में परिवर्तन हो रहे हैं। परन्तु आदिकाल से आज तक गौ सेवा की महिमा और प्रभाव बरकरार है। गांव खोरी कलां के विजय नगर में स्थित श्रीकृष्ण गौशाला के गौ सेवक रोशन लाल ने रखे।
उन्होंने कहा कि जिला मेवात गौवंश तस्करी का प्रचलन जोरों पर है। जिले में इस तरह के कृत्य होना आम बात बन चुकी है। यू तो केन्द्र सरकार का प्रिवेशन ऑफ क्रू अल्टी टू एनिमल्स एक्ट तो लागू हो चुका है और राज्य सरकार ने अपने स्तर पर गौवध निषेध कानून भी बनाया है, ताकि गौवंश की रक्षा की जा सके।
जागरूकता का अभाव : क्षेत्र के गणमान्य लोगों का मानना है कि लोगों को शिक्षित व जागरूक करने की आवश्यकता है। ग्रामीण आंचल में घर-घर में दुध देने वाला पशु मिलेगा। जोकि ग्रामीण आंचल के लोगों की अर्थिक ताकत के रूप में काम कर रहा है। सरकार द्वारा बनाए गए कानून की पालना हो इसको लेकर गौ तस्करों पर पुलिस प्रशासन सख्ती से पेश आ रहा है। लोगों को जागरूक कर गायों में प्रजन्न क्षमता को बढाने की आवश्यकता है।
बदलाव की आवश्यकता : गौधन को आवारा छोडे जाने के पीछे बडा कारण यह भी है कि बैलों से हल लगाने का काम बिल्कुल सिमट चुका है। खेती की जमीन पर ईमारतें खडी हो गई हैं। क्षेत्र के बचे हुए खेतों में बैलों की जगह ट्रक्टर ने ले ली है। कुछ भी हो मनुष्य तो अपनी संकीर्ण सोच छोडनी होगी और गौधन का अपने परिवार का हिस्सा मानना ही पडेगा।
बदलती मानसिकता : मेवात में गाय, बैलों व पशुओ की तस्करी का बडा कारण लोगों खासकर किसानों की गलत मानसिकता है । इनमें से बहुत से लोग दुध देना छोड चुकी गायों को, बछडे व बैल को बेकार व बोझ समझने लगते हैं। इस कारण वे उन्हें अपने हाल पर छोडने के लिए बाहर धकेल देते हैं।
सरकारी मदद : प्रदेश सरकार गौ सदनों की आत्मनिर्भता के लिए कदम उठा रही है। निष्काम भाव से कार्य करने वाले संगठनों को गौ सदन के लिए सुविधाएं प्रदान कर रही है। एनिमल वैलफ ेयर बोर्ड आफ इंडिया भी गौ सदन के लिए वित्तीय मदद देता है और प्रदर्शन को देखकर आगे भी मदद जारी रखता है।

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Author: New India News Network

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