रेवाड़ी: रेवाड़ी नगर परिषद के उपप्रधान चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आ रही है कि आज पार्षदों की बाड़ाबंदी की जा सकती है। बताया जा रहा है कि महिला पार्षदों को भी बुलाया गया है। जानकारी के अनुसार, हाउस के 28 पार्षदों को फोन कॉल किए जाने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्षदों से बातचीत कर उनके रुख और राय की जानकारी लेने के बाद उन्हें एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी में भेजे जाने की संभावना है।
32 में से 12 पार्षद कमल के निशान पर जीते
रेवाड़ी नगर परिषद में कुल 32 पार्षद हैं। इनमें से 12 पार्षद भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल के फूल पर चुनाव जीतकर आए थे। वहीं, चुनाव परिणाम आने के बाद कई निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की बात भी सामने आई थी। बताया जा रहा है कि चुनाव परिणाम के तुरंत बाद 4-5 पार्षदों को छोड़कर अधिकतर निर्दलीय पार्षद भाजपा नेताओं से मुलाकात करने और पार्टी में शामिल होने के लिए राव के आवास पहुंचे थे।
उपप्रधान के लिए 17 पार्षदों का समर्थन जरूरी
नगर परिषद के उपप्रधान पद के चुनाव में बहुमत के लिए 17 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में सभी राजनीतिक खेमे बहुमत जुटाने की कवायद में जुटे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्षदों के रुख को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के बाद उन्हें एक साथ रखने की रणनीति पर काम किया जा सकता है। हालांकि, बाड़ाबंदी और पार्षदों को किसी स्थान पर ले जाने को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
गुरुग्राम के घटनाक्रम के बाद बढ़ी सतर्कता
सूत्रों का कहना है कि गुरुग्राम में हाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बड़े नेता रेवाड़ी नगर परिषद के उपप्रधान चुनाव को लेकर सतर्क बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि पार्षदों को एकजुट रखने और चुनाव से पहले समर्थन सुनिश्चित करने की कोशिशें तेज होने की चर्चा है। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उपप्रधान पद के चुनाव में किस खेमे को 17 पार्षदों का समर्थन मिलता है। चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।








