नितीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाना बीजेपी को भारी पड़ गया
जतना अब बदलाव चाहती है।
पटना बिहार 4 अगस्त। बांकेपुर विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार की मुलाकात राजनितिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे है। दरसल बांकेपुर विधानसभा जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की यह सीट है उनके छोड़ने के बाद खाली हो गई थी। बीजेपी इस सीट को अपना मजबूत किला मानती थी। लेकिन जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत किशोर ने इस किलों के ढाह दिया। बीजेपी प्रत्याशी को हराकर यह साबित कर दिया की जतना अब बदलाव चाहती है।

अगर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद से हटाना है तो मेरा साथ दीजिये
चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर सबसे ज्यादा निशाना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर साध रहे थे अपने संबोधन के दौरान वो लोगो से कहते थे की अगर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद से हटाना है तो मेरा साथ दीजिये दिल्ली तक मैसेज अपने आप चला जायेगा। वही बीजेपी प्रत्यासी की हार के बाद जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कहा की नितीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाना बीजेपी को भारी पड़ गया है अगर नितीश कुमार मुख्यमंत्री होते तो बीजेपी यह सीट जित जाती। आपको बता की जब से मुख्यमंत्री नितीश कुमार नेअपनी कुर्सी सम्राट चौधरी को दी है तभी से राजनितिक गलियारों ने इस बात की चर्चा है की क्या नितीश कुमार ने अपनी मर्जी से कुर्सी छोड़ी है या फिर बीजेपी ने उन्हें साइड किया है वही कुछ लोग सम्राट चौधरी के कार्यकाल से काफी नाराज है। अब ऐसे में नितीश कुमार और नरेंद्र मोदी की यह मुलाकात कई सवाल खड़े कर रही है।





