बिजली निजीकरण के खिलाफ बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा का विरोध, 6-7 अगस्त को सरकार को सौंपेगा ज्ञापन
हिसार, 4 अगस्त 2026। बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा, संबंधित ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन की ऑनलाइन बैठक मंगलवार को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंच के राज्य प्रधान इंद्र सिंह मलिक ने की, जबकि संचालन राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ ने किया।

बैठक में हरियाणा सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र को लेकर उठाए जा रहे विभिन्न कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें किसानों और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग एग्री डिस्कॉम बनाने का प्रस्ताव, इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ग्रुप द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था हासिल करने के लिए हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष लंबित समानांतर लाइसेंस आवेदन और स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था सहित बिजली क्षेत्र में निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदम प्रमुख रहे।
बैठक में मंच ने इन निर्णयों का विरोध करने का फैसला लिया। मंच के अनुसार, आगामी 6 और 7 अगस्त को बिजली अधिकारियों तथा जिला उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री, हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन भेजे जाएंगे।
11 से 13 अगस्त की हड़ताल को समर्थन
बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ ने कहा कि बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा, बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा सरकार के इन कदमों के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन का समर्थन करेगा।
उन्होंने बताया कि मंच मोर्चा द्वारा घोषित 11 से 13 अगस्त की हड़ताल में भी भागीदारी करेगा।
बिजली को निजी मुनाफे की वस्तु बनाने का विरोध
मेहर सिंह बांगड़ ने कहा कि बिजली आम लोगों की मूलभूत जरूरत है और इसे निजी कंपनियों के मुनाफे का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। मंच का कहना है कि निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मुनाफा कमाना होता है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
उन्होंने दावा किया कि किसानों के लगातार विरोध के बीच कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग कंपनी बनाने की योजना का उद्देश्य बाकी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को निजी कंपनियों के हवाले करने का रास्ता आसान करना हो सकता है।
गुरुग्राम और नूंह की बिजली व्यवस्था निजी हाथों में जाने पर जताई चिंता
बिजली उपभोक्ता मंच ने गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपे जाने की संभावित योजना को लेकर भी चिंता जताई।
मंच का कहना है कि यदि इन जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था निजी कंपनी के पास चली जाती है तो सरकारी क्षेत्र में बची बिजली वितरण कंपनी की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है। मंच के अनुसार, इसका असर भविष्य में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में पड़ सकता है।
मेहर सिंह बांगड़ ने दावा किया कि दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के राजस्व में गुरुग्राम की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। मंच का कहना है कि गुरुग्राम जैसे बड़े राजस्व क्षेत्र के अलग होने से सरकारी बिजली वितरण कंपनी की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।
बिजली कर्मचारियों के रोजगार और सेवा शर्तों को लेकर चिंता
मंच ने निजीकरण की संभावित प्रक्रिया के बीच बिजली कर्मचारियों के हितों को लेकर भी चिंता जताई। संगठन का कहना है कि निजीकरण की स्थिति में बड़ी संख्या में पदों में कटौती हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और पेंशन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
स्मार्ट मीटरिंग पर भी सवाल
बैठक में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। बिजली उपभोक्ता मंच ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला निजी कंपनियों के हित में उठाया गया कदम है।
मेहर सिंह बांगड़ ने कहा कि स्मार्ट मीटर में प्रीपेड व्यवस्था का विकल्प मौजूद होने के कारण भविष्य में इसे प्रीपेड मोड में बदला जा सकता है। मंच का दावा है कि ऐसी व्यवस्था लागू होने पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, गरीब किसानों और मजदूरों के लिए बिजली की पहुंच प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, स्मार्ट मीटर और निजीकरण को लेकर मंच की ओर से लगाए गए ये आरोप संगठन का पक्ष हैं।
ऑनलाइन बैठक में कई पदाधिकारी शामिल
ऑनलाइन बैठक में जयकरण झज्जर, राम निवास रोहतक, रामकुमार, रत्न प्रकाश रेवाड़ी, छाजू राम, डॉ. वर्तपाल, बलवंत सिंह, मास्टर सुबे सिंह, राजिंदर खरब महेंद्रगढ़-नारनौल, रोहतास, महेंद्र सिंह कटारिया भिवानी, ईश्वर दहिया, राजिंदर राठी सोनीपत, राजकुमार कुरुक्षेत्र, डॉ. खुशी राम, रामपाल हिसार, सत्यनारायण भाटोल और मास्टर विजेंद्र जीतपुरा सहित मंच के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।
बिजली उपभोक्ता मंच ने स्पष्ट किया कि वह बिजली क्षेत्र में निजीकरण से जुड़े प्रस्तावों और सरकार के संबंधित फैसलों के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगा तथा आगामी दिनों में ज्ञापन और हड़ताल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराएगा।






