Edition

गुरुग्राम में लगभग 50 वरिष्ठ नागरिकों का जन्मदिन एक साथ मनाया गया।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गुरुग्राम 31 दिसंबर / कहते हैं… इंसान दुनिया से चला जाता है, लेकिन अगर जाते-जाते किसी की आंखों की रोशनी किसी और की जिंदगी रोशन कर दे… तो इससे बड़ा दान शायद ही कोई हो।इसी सोच के साथ साइबर सिटी गुरुग्राम में नेत्रदान महादान पखवाड़े के तहत एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जहां लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक किया गया… साथ ही समाज में बेहतर काम करने वाले वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।कार्यक्रम का आयोजन गुरुग्राम के सेक्टर-7 स्थित आर्य विद्या मंदिर में द्रोण धाम वरिष्ठ नागरिक संगठन की ओर से किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता पी.एन. मोगिया ने की।खास बात ये है कि द्रोण धाम वरिष्ठ नागरिक संगठन की ओर से इस तरह का आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार किया जा रहा है।संगठन का मकसद सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच देना नहीं… बल्कि उन्हें समाज से जोड़ना और सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी को सम्मान देना भी है।
कार्यक्रम में नेत्रदान को लेकर लोगों को जागरूक किया गया।लोगों को बताया गया कि मृत्यु के बाद आंखों का दान किसी ऐसे व्यक्ति के जीवन में उजाला ला सकता है… जो दुनिया को देखने की उम्मीद लगाए बैठा है।यानी एक व्यक्ति के इस दुनिया से जाने के बाद भी… उसकी आंखें किसी दूसरे इंसान के लिए रोशनी की वजह बन सकती हैं।इसलिए कार्यक्रम के जरिए लोगों से नेत्रदान को लेकर आगे आने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।वहीं कार्यक्रम में अगस्त महीने के दौरान जन्मदिन मनाने वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी खास आयोजन किया गया।एक साथ कई बुजुर्गों का जन्मदिन मनाया गया… उन्हें शुभकामनाएं दी गईं और उनके साथ खुशियां साझा की गईं।इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों में खासा उत्साह दिखाई दिया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं और सामाजिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

वहीं राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के मौके को ध्यान में रखते हुए 85 वर्ष की उम्र के एक वरिष्ठ नागरिक को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इस सम्मान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है… अनुभव और समाज के प्रति योगदान कभी उम्र का मोहताज नहीं होता।वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़े रखने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में डॉटर डे को भी खास अंदाज में मनाया गया।तीन बच्चियों को सम्मानित कर बेटियों के महत्व का संदेश दिया गया।आयोजकों ने कहा कि बेटियां परिवार की खुशी ही नहीं… बल्कि समाज की ताकत भी हैं।
बेटियों को सम्मान और प्रोत्साहन देकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना हर परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। इस दौरान करीब 50 लोगों को सम्मानित किया गया।सम्मान पाने वालों में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले महिला और पुरुष भी शामिल रहे।कार्यक्रम में सम्मान पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई।

गुरुग्राम में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं था… बल्कि कई सामाजिक संदेशों को एक साथ जोड़ने वाली पहल रही।एक तरफ नेत्रदान के जरिए किसी की जिंदगी में रोशनी लाने का संदेश दिया गया… तो दूसरी तरफ बुजुर्गों के अनुभव, महिलाओं की भागीदारी और बेटियों के सम्मान को मंच मिला।यही वजह रही कि द्रोण धाम वरिष्ठ नागरिक संगठन का ये आयोजन… सम्मान के साथ-साथ समाज को जागरूक करने का संदेश भी दे गया।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें