मानेसर, 2 सितंबर 2026: समावेशी और सुगम्य समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मानेसर के नौरंगपुर स्थित होंडा सामाजिक विकास केंद्र में प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव मनमीत कौर नंदा ने किया।इस अवसर पर भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और होंडा इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न सहयोगी संस्थानों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। केंद्र का उद्देश्य दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण, आकलन, परामर्श, पुनर्वास सहायता और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है।

पिछले वर्ष शुरू किए गए केंद्र की तुलना में अधिक बड़ा और बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित है,मनमीत कौर नंदा
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मनमीत कौर नंदा ने कहा किप्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र एक अधिक समावेशी और सुगम्य समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और होंडा इंडिया फाउंडेशन के पिछले दस वर्षों से जारी सहयोग की सराहना की और कहा कि सीएसआर के माध्यम से इस साझेदारी कोप्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र के रूप में आगे बढ़ाना एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है।
उन्होंने कहा कि मानेसर में शुरू किया गया यह केंद्र पिछले वर्ष शुरू किए गए केंद्र की तुलना में अधिक बड़ा और बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां लाभार्थियों को अधिक व्यापक सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई किभारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और होंडा इंडिया फाउंडेशन का यह सहयोग आने वाले वर्षों में और मजबूत होगा तथा अन्य कॉरपोरेट संस्थाएं भी ऐसी पहलों से प्रेरणा लेंगी।
सरकार और CSR की साझेदारी से मजबूत होगा
नंदा ने कहा कि सरकारी योजनाएं बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंच और व्यापकता प्रदान करती हैं, जबकि सीएसआर के माध्यम से कॉरपोरेट संस्थाओं, एनजीओ , सिविल सोसाइटी और उद्योग जगत की भागीदारी इन प्रयासों में गहराई, नवाचार और लास्ट-माइल कनेक्ट को मजबूत करती है।उन्होंने कहा कि समावेशी और सुगम्य समाज का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें निजी क्षेत्र, कॉरपोरेट संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस साझेदारी को “सुगम्य विकसित भारत” के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी मॉडल बताया।

2026 में प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र पहल का विशेष महत्व
मनमीत कौर नंदा ने कहा कि वर्ष 2026 विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस वर्ष दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के दस वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के अधिकारों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के साथ भारत की प्रतिबद्धता के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण वर्ष में प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र का शुभारंभ और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम होंडा इंडिया फाउंडेशन की साझेदारी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सुगम्यता की दिशा में विशेष महत्व रखती है।
15 हजार से अधिक लाभार्थियों को मिलेंगी सेवाएं
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम के चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और होंडा इंडिया फाउंडेशन के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों तक सहायक उपकरण, पुनर्वास सेवाएं और तकनीक आधारित समाधान पहुंचाने के साझा संकल्प को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम लगातार नवाचार और मजबूत साझेदारियों के माध्यम से जरूरतमंद लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और अंतिम छोर तक वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।मानेसर स्थित प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र इस सहयोग को नई दिशा प्रदान करता है। यहां आकलन, सहायक उपकरण, पुनर्वास और संबंधित सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। यह केंद्र प्रतिवर्ष 15,000 से अधिक दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने की क्षमता रखता है।
होंडा इंडिया फाउंडेशन ने दोहराई सीएसआर प्रतिबद्धता
होंडा इंडिया फाउंडेशन के ट्रस्टी विनय धिंगरा ने सामाजिक प्रभाव पैदा करने वाली सीएसआर पहलों के प्रति फाउंडेशन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को गरिमापूर्ण, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए इस तरह के सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हैं।उन्होंने इस पहल में प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र की विशेषज्ञता और व्यापक पहुंच की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का संयुक्त प्रयास जरूरतमंद वर्गों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
लाभार्थियों को वितरित किए गए सहायक उपकरण
उद्घाटन समारोह के दौरान अतिथियों नेप्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र और होंडा सामाजिक विकास केंद्र की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान चयनित लाभार्थियों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम और होंडा इंडिया फाउंडेशन की यह संयुक्त पहल दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुगम्यता, पुनर्वास और सहायक प्रौद्योगिकी तक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं को सीएसआर और विभिन्न हितधारकों की साझेदारी के साथ जोड़कर समाज के जरूरतमंद वर्गों तक अधिक प्रभावी और सार्थक सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं। प्रधानमंत्री दिव्यांशा-वयोश्री केंद्र का यह शुभारंभ केवल एक नए केंद्र की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक समावेशी, सुगम्य और सशक्त विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।









