चंडीगढ़, 15 अक्टूबर। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विपक्षी दलों के मार्च को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में प्रदर्शन करना हर राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन बिना किसी स्थापित राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के आह्वान पर कई विपक्षी दलों का एकजुट होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे ऐसी कोई ताकत हो सकती है, जो देश में अस्थिरता पैदा करना चाहती है। अनिल विज गुरुवार को चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उनसे सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विपक्ष द्वारा निकाले गए मार्च के संबंध में सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और देश की अन्य अदालतें निष्पक्ष एवं स्वतंत्र हैं। उनके अनुसार, स्वतंत्र भारत में यह पहली बार देखने को मिला है कि विपक्ष ने उच्चतम न्यायालय के खिलाफ जुलूस निकाला है। विज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वयं संज्ञान लिया है। अब इस पर क्या कार्रवाई करनी है, यह न्यायालय पर निर्भर करता है। उन्होंने विपक्ष के इस मार्च को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसके पीछे की ताकत को लेकर सवाल उठाए और जनता से इसका जवाब तलाशने की बात कही।

विपक्षी दलों की एकजुटता पर उठाए सवाल
अनिल विज ने कहा कि सीजेपी पार्टी की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। इसके बाद राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और कम्युनिस्ट दलों के नेता भी अपने-अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने सवाल किया कि सीजेपी कौन है और उसकी राजनीतिक या सामाजिक पृष्ठभूमि क्या है? विज के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की स्थापित राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने नहीं है, तब उसके आह्वान पर विभिन्न राजनीतिक दलों का एकजुट होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को एकजुट करने के पीछे कोई दूसरी शक्ति हो सकती है। उन्होंने कहा कि जनता को यह समझने की जरूरत है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों को एक मंच पर लाने में किसकी भूमिका है। विज ने यह भी कहा कि देश में प्रदर्शन करना सभी राजनीतिक दलों का अधिकार है और उनकी पार्टी भी समय-समय पर प्रदर्शन करती रही है। हालांकि, उन्होंने सवाल दोहराया कि बिना किसी स्पष्ट राजनीतिक इतिहास वाले व्यक्ति के आह्वान पर इतने दल एक साथ कैसे आ गए। उन्होंने इसके पीछे देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने वाली ताकत के होने की आशंका जताई। ये आरोप अनिल विज ने मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए।
पंजाब में नशे के कारोबार पर भगवंत मान सरकार से सवाल
पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता की मौत से जुड़े सवाल पर भी अनिल विज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भगवंत मान सरकार से पूछा कि यदि एक सामाजिक कार्यकर्ता को यह जानकारी थी कि किस दुकान पर नशा बिक रहा है, तो सरकार और उसकी एजेंसियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। विज ने सवाल किया कि यदि संबंधित एजेंसियों को नशे के कारोबार की जानकारी थी, तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता की जान जाने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले ही नशे के कारोबार को रोकने के प्रयास किए जाने चाहिए थे। उन्होंने पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि नशे की रोकथाम के लिए जिम्मेदार एजेंसियां पहले क्या कर रही थीं और उन्होंने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
महंगाई पर रणदीप सुरजेवाला के बयान पर भी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के देश के मध्यम वर्ग पर महंगाई के प्रभाव संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अनिल विज ने उन पर कटाक्ष किया। उन्होंने सवाल किया कि सुरजेवाला किस आधार पर देश के लोगों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर देखते हैं। विज ने कहा कि कभी निम्न वर्ग तो कभी मध्यम वर्ग की बात की जाती है, जबकि सभी लोगों को समान रूप से देखना चाहिए। उन्होंने सुरजेवाला पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वे स्वयं उच्च वर्ग में रहते हैं, लेकिन महंगाई के मुद्दे पर अलग-अलग वर्गों की बात करते हैं। अनिल विज ने इन बयानों के माध्यम से विपक्षी दलों की एकजुटता, पंजाब में नशे के कारोबार और महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला के रुख पर अपनी प्रतिक्रिया दी।





