गुरुग्राम, 15 अक्टूबर। हरियाणा के वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुग्राम सहित पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की क्लोज मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को स्थानीय पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे सभी आवश्यक कदमों की नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों, रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट, सड़कों की सफाई व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और बल्क वेस्ट जनरेटर पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने, नियमित निरीक्षण करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए। राव नरबीर सिंह ने कहा कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) लागू होने से पहले ही धरातल पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम दिखाई देने चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि प्रदूषण की रोकथाम के लिए समय रहते आवश्यक उपाय किए जा सकें।

नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम जरूरी
बैठक के दौरान राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में प्रदेश के सभी विधायकों की बैठक में गुरुग्राम शहर में नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते शहर के नागरिकों के प्रति उनकी जवाबदेही है। ऐसे में गुरुग्राम के साथ-साथ पूरे NCR क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। इसके लिए नियमित निरीक्षण, समयबद्ध समीक्षा और कार्रवाई के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जाए।
हर सप्ताह रिपोर्ट देंगे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी
वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव मंत्री ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों और उनकी प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और जहां आवश्यकता होगी, वहां सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि साप्ताहिक रिपोर्ट के आधार पर नगर निगमों और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए। इससे विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। राव नरबीर सिंह ने NCR के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से प्रदूषण के स्रोतों की पहचान, नियमित निरीक्षण और पर्यावरण संबंधी नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
निर्माण स्थलों, RMC प्लांट और सड़कों की सफाई पर विशेष ध्यान
मंत्री ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए निर्माण स्थलों और RMC प्लांट की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों की सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि धूल के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण के विभिन्न स्तरों और संबंधित श्रेणियों के तहत अलग-अलग स्थानों से सैंपल लिए जाएं। इसके साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और बल्क वेस्ट जनरेटर से अधिक से अधिक सैंपल एकत्र कर उनकी जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को मिलकर काम करना चाहिए। निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ही नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
नियमित निगरानी और समयबद्ध समीक्षा के निर्देश
राव नरबीर सिंह ने अधिकारियों से प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए केवल औपचारिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सभी उपायों की नियमित निगरानी, समयबद्ध समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बैठक में गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित जिलों के क्षेत्रीय अधिकारी (RO), एएई, साइंटिस्ट-बी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





