अंकिता हत्याकांड: कथित वीवीआईपी की भूमिका की CBI जांच की मांग, कांग्रेस का लोकभवन के बाहर धरना

अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI जांच की मांग पर कांग्रेस का धरना, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर सवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को प्रदर्शन किया। भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और राज्यपाल की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और हत्याकांड से जुड़े अनुत्तरित सवालों के जवाब सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इस मामले में कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और प्रदेश सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि कथित वीवीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक जवाब सामने आना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों की संभावित भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने मांग की कि पूरे प्रकरण की पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि, कथित वीवीआईपी की भूमिका और संबंधित व्यक्तियों के बारे में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्षों से अलग समझना जरूरी है। किसी व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति

कांग्रेस नेताओं ने दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि अंकिता हत्याकांड से जुड़े सार्वजनिक आरोपों और चर्चाओं के बीच इस नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब अंकिता के परिजन और प्रदेश के लोग मामले से जुड़े सवालों के जवाब मांग रहे हैं, तब कथित आरोपों से संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है। पार्टी ने यह भी कहा कि संवैधानिक पदों पर नियुक्ति को लेकर उठने वाले गंभीर सवालों का समाधान पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका से जुड़े सवालों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

राष्ट्रपति से की छह मांगें

कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखीं।

  1. अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध CBI जांच कराई जाए।
  2. दुष्यंत कुमार गौतम के संबंध में सामने आए सार्वजनिक आरोपों की जांच कर तथ्यों को स्पष्ट किया जाए।
  3. दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।
  4. कथित वीवीआईपी की पहचान और भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की समीक्षा की जाए।
  5. अंकिता के परिजनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
  6. साक्ष्यों को प्रभावित करने या तथ्यों को छिपाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामले में सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

लोकभवन से मुलाकात का समय नहीं मिलने का आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के संबंध में राज्यपाल से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन लोकभवन की ओर से समय नहीं दिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के लिहाज से उचित नहीं बताया। पत्रकार वार्ता में एआईसीसी प्रवक्ता एवं उत्तराखंड मीडिया पर्यवेक्षक पंखुड़ी पाठक, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह भी मौजूद रहीं। पत्रकार वार्ता के बाद गणेश गोदियाल, हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत और सुरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता लोकभवन के गेट पर पहुंचे। वहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया।

न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात

कांग्रेस ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों का जवाब सामने आना चाहिए। पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच, अंकिता के परिजनों को न्याय और साक्ष्यों की पारदर्शी समीक्षा की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक हत्याकांड से जुड़े अनुत्तरित सवालों का समाधान नहीं होता और परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें