Edition

बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जेल परिसर में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

जिला कारागार भोंडसी में लगी जेल लोक अदालत, दो विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई

विधिक सहायता और कानूनी अधिकारों की दी जानकारी

बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

गुरुग्राम, 3 जून- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें राहत प्रदान करना है।

दो विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया।
लोक अदालत के दौरान दो विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने जेल परिसर में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।

कानूनी आवश्यकताओं की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान बंदियों की पारिवारिक मुलाकात, महिला बंदियों की समस्याएं, चिकित्सीय सुविधाएं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान तथा अन्य कानूनी आवश्यकताओं की समीक्षा की गई। साथ ही उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों के कल्याण एवं आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

सचिव निशा ने बताया कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर घर बैठे निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें