ग्लासगो में हरियाणा के खिलाड़ियों का दम, CM सैनी ने 24 पदक विजेताओं को किया सम्मानित
पंचकूला 25 August/ हरियाणा के खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। ग्लासगो में आयोजित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों के सम्मान में पंचकूला में समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हरियाणवी का सीना आज गर्व से चौड़ा है। हरियाणा की मिट्टी की खासियत है कि यहां खेतों में सिर्फ अन्न ही नहीं, बल्कि चैंपियन भी पैदा होते हैं।
भारत ने जीते 39 पदक, हरियाणा की हिस्सेदारी 11
मुख्यमंत्री के मुताबिक 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।भारत की 122 सदस्यीय टीम में हरियाणा के 24 खिलाड़ी शामिल रहे। इन खिलाड़ियों ने देश के लिए 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं।हरियाणा के प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इन 11 पदकों में 6 पदक प्रदेश की बेटियों के नाम रहे, जिनमें 5 स्वर्ण पदक शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुक्केबाजी में भारत को मिले 7 स्वर्ण पदकों में से 6 स्वर्ण हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने पदक विजेताओं के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों का भी उत्साहवर्धन किया।

खिलाड़ी के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश के लिए खेलने वाले खिलाड़ी के मन में यह चिंता नहीं होनी चाहिए कि खेल के बाद उसका भविष्य क्या होगा। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को पदक जीतने के साथ-साथ सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर भी मिलें।उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में अवसर, खेल अकादमियां, खेल नर्सरियां, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और आधुनिक खेल ढांचे का विस्तार इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं।
24 खिलाड़ियों को करीब 14 करोड़ की पुरस्कार राशि
सम्मान समारोह में 24 खिलाड़ियों को कुल 13 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले करीब 12 वर्षों में प्रदेश के 17,544 खिलाड़ियों को 742 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।इसके अलावा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मासिक छात्रवृत्ति में भी बढ़ोतरी की गई है। 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को 1,500 रुपये और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2,000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है।सीएम सैनी ने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं को मजबूत करने पर भी लगातार काम किया जा रहा है। पिछले करीब 12 वर्षों में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 1,100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल खेल परिसर में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय स्तर का ए-स्टार उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और वैज्ञानिक तकनीक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेंगी।
अब ओलंपिक पर नजर
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जिन खिलाड़ियों ने ग्लासगो में तिरंगा ऊंचा किया है, वही आने वाले समय में ओलंपिक के पोडियम पर भी देश का मान बढ़ाएंगे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को मिली है, जो देश के लिए गौरव की बात है।मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि हरियाणा के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को दुनिया की प्रमुख खेल शक्तियों में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं और प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






