पटना 25 August / पटना में मंगलवार को छात्रों के प्रदर्शन ने उस वक्त उग्र रूप ले लिया, जब अपनी मांगों को लेकर गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की तरफ बढ़ रहे अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोक दिया। पिछले कई दिनों से गर्दनीबाग में धरना दे रहे छात्रों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में गांधी मैदान से मार्च शुरू किया था। छात्रों की मांगों को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।जैसे ही छात्रों का मार्च आगे बढ़ा, पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारी आगे जाने पर अड़े रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की और इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। और पथराव की भी खबर सामने आ रही है

हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों से छात्र पीछे हटते नजर आए। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।लेकिन इसी दौरान पटना के प्रदर्शन का एक अलग ही वीडियो सामने आया। एक तरफ पुलिस छात्रों को हटाने के लिए वाटर कैनन चला रही थी, तो दूसरी तरफ कुछ छात्र उसी पानी की बौछार में नाचते और शैंपू लगाते दिखाई दिए। प्रदर्शन के बीच सामने आए इन वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। यानी एक तरफ पुलिस आंदोलन को नियंत्रित करने में जुटी थी, तो दूसरी तरफ कुछ प्रदर्शनकारी वाटर कैनन के पानी को ही मजाकिया अंदाज में लेते नजर आए।

इसी प्रदर्शन के दौरान एक और वीडियो सामने आया, जिसने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए। एक न्यूज़ पेपर के मुताबिक एक ट्रेनी डीएसपी द्वारा एक छात्र को थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया है। इसके बाद उसी छात्र का एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह पुलिसकर्मी के पैरों में गिरकर छोड़ने की गुहार लगाता दिखाई दे रहा है। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने और एक छात्रा के बेहोश होने की भी जानकारी सामने आई है।

अब सवाल है कि आखिर बिहार के छात्र इतने नाराज क्यों हैं?
दरअसल, यह आंदोलन सिर्फ मंगलवार की घटना को लेकर नहीं है। पिछले कई दिनों से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों से जुड़ी मांगों को लेकर गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर उठाए जा रहे सवाल, TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का पैटर्न, नेगेटिव मार्किंग हटाने, भर्ती में पद बढ़ाने और लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।70वीं BPSC परीक्षा को लेकर प्रदर्शनकारी परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।

वहीं TRE-4 को लेकर अभ्यर्थी सिंगल स्टेज परीक्षा, नेगेटिव मार्किंग हटाने और भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में युवाओं के कई साल निकल जाते हैं और भर्ती प्रक्रिया में देरी उनकी परेशानी और बढ़ा देती है।इस पूरे विवाद के बीच BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह की छात्रों को लेकर की गई विवादित टिप्पणी ने भी नाराजगी बढ़ाई थी। बाद में इस बयान को लेकर विवाद हुआ और छात्रों ने इसे अपने खिलाफ टिप्पणी बताया।वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों की कई मांगों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। सरकार की तरफ से छात्रों की शिकायतें सुनने के लिए हेल्पलाइन और सहायता व्यवस्था शुरू करने की बात भी कही गई है। तो वही विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है

लेकिन मंगलवार की तस्वीरों ने साफ कर दिया कि छात्रों का गुस्सा अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। एक तरफ बैरिकेडिंग टूटी, पथराव की रिपोर्ट सामने आई, पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। दूसरी तरफ वाटर कैनन के पानी में छात्रों के नाचने और शैंपू लगाने के वीडियो ने प्रदर्शन की तस्वीर को बिल्कुल अलग बना दिया।अब देखना होगा कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से यह विवाद खत्म होता है या पटना का छात्र आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेता है।






