5,000 करोड़ के कथित नकली दवा घोटाले से जुड़ा रिश्वत मामला: हरियाणा के IPS अधिकारी दीपक गहलावत गिरफ्तार

नई दिल्ली, 1 जुलाई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 5,000 करोड़ रुपये के कथित नकली दवा निर्माण घोटाले की जांच से जुड़े 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। सीबीआई का आरोप है कि अधिकारी ने पुडुचेरी के एक कारोबारी को चल रही सीबीआई जांच में राहत दिलाने और एजेंसी के अधिकारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुकूल कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया था।
इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बिचौलिए राजकुमार ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार
सीबीआई के अनुसार, यह गिरफ्तारी रिश्वतखोरी से जुड़े उसी मामले की जांच के दौरान हुई है, जिसमें पहले दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एक कथित बिचौलिए राजकुमार को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत की कथित भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
3 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग
जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपियों ने कारोबारी से यह दावा किया था कि वे सीबीआई जांच को प्रभावित कर सकते हैं और बदले में 3 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। इस मामले में कथित तौर पर कारोबारी को जांच में राहत दिलाने और कार्रवाई को प्रभावित करने का भरोसा दिलाया गया था।
सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिश्वत मांगने की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या जांच को प्रभावित करने के लिए किसी अन्य अधिकारी या बिचौलिए की भी भूमिका रही है।
दीपक गहलावत अदालत में पेश
एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां या पूछताछ हो सकती है। फिलहाल दीपक गहलावत को संबंधित अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सीबीआई मामले से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
जांच को प्रभावित करने के प्रयास कितने व्यापक थे
यह मामला कथित 5,000 करोड़ रुपये के नकली दवा निर्माण घोटाले की जांच से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। सीबीआई इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि जांच को प्रभावित करने के प्रयास कितने व्यापक थे और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।







