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केंद्र सरकार सरकार को अहंकार नहीं दिखाना चाहिए , इतना घमंड नहीं

यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो

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अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला, सोनम वांगचुक के समर्थन में बोले- ‘सरकार को इतना घमंड नहीं होना चाहिए’

नई दिल्ली, 18 जुलाई।
जंतर-मंतर पर चल रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर देश की राजनीति लगातार गर्माती जा रही है। अनशन के कई दिन बीत जाने के बाद उनकी तबीयत लगातार कमजोर होने की खबरें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और समय-समय पर मेडिकल जांच की जा रही है।

इसी बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को अहंकार नहीं दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुनना सरकार की जिम्मेदारी होती है और आंदोलनकारियों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए।

लोकतंत्र में टकराव नहीं बल्कि संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम होता है।

केजरीवाल ने कहा कि सरकार को बातचीत के माध्यम से इस पूरे मामले का समाधान निकालना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी मांगों के लिए लंबे समय तक अनशन करना पड़ रहा है, तो सरकार को उससे संवाद स्थापित कर रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में टकराव नहीं बल्कि संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम होता है।

आंदोलनकारी को जबरन अनशन स्थल से हटाना उचित नहीं है।

सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

वहीं, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलनकारी को जबरन अनशन स्थल से हटाना उचित नहीं है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि जनता के बीच सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है और सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को प्राप्त है।

इस मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और कुछ फिल्मी हस्तियों ने भी सोनम वांगचुक के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को प्राप्त है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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Author: New India News Network

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