दिल्ली: जंतर-मंतर पर दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने, लाठीचार्ज के बाद मची अफरा-तफरी
नई दिल्ली, 20 जुलाई। राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर रविवार को पूरे दिन प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सुबह से ही जंतर-मंतर पर जुटने लगे। प्रदर्शन के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हालात लगातार तनावपूर्ण बने रहे और शाम होते-होते स्थिति और अधिक बिगड़ गई।
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी। दिनभर कई बार धक्का-मुक्की और नारेबाजी का दौर चलता रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही थी।
कई लोगों के गिरने और चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब पांच बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई शुरू की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों के गिरने और चोटिल होने की भी जानकारी सामने आई।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि लाठीचार्ज में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। कई लोगों के हाथ, पैर और सिर में चोटें आईं। घायलों को मौके पर मौजूद एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, घायलों की संख्या को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा

लाठीचार्ज के बाद भी प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। देर शाम तक प्रदर्शनकारी अलग-अलग समूहों में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में डटे रहे। पुलिस लगातार उन्हें हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही। देर रात तक कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा। कभी पुलिस प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलती दिखाई दी तो कभी प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेड के पास एकत्र होकर नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा यातायात पर भी असर देखने को मिला।
फिलहाल पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।







