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GMDA का लक्ष्य- जलभराव मुक्त गुरुग्राम , हमारी प्राथमिकता , बारिश या सीवरेज का पानी किसी भी क्षेत्र में जमा न हो

गुरुग्राम में 12 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा, GMDA CEO पीसी मीणा बोले- शहर में नहीं रुकने देंगे बारिश का पानी

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GMDA का लक्ष्य- जलभराव मुक्त गुरुग्राम, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: CEO पी.सी. मीणा

गुरुग्राम, 29 जुलाई। गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर रखा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. सी. मीणा ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य शहर के किसी भी हिस्से में बारिश का पानी जमा नहीं होने देना है और इसके लिए अधिकारी व कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।

एक विशेष बातचीत में पी.सी. मीणा ने कहा कि “जीएमडीए का प्रयास शहर का समग्र विकास है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि बारिश या सीवरेज का पानी किसी भी क्षेत्र में जमा न हो।” उन्होंने बताया कि जहां-जहां नाले बंद हैं, वहां उनकी सफाई कराई जा रही है। साथ ही जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नई पाइपलाइनें डाली जा रही हैं, ताकि भारी बारिश के दौरान भी पानी तेजी से निकल सके।

उन्होंने कहा कि जीएमडीए केवल अस्थायी समाधान पर नहीं, बल्कि स्थायी और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने पर काम कर रहा है। इसके लिए शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी लगाए जा रहे हैं।

पी.सी. मीणा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में जलभराव या सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलेगी, वहां के संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें और समस्या सामने आते ही उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान जीएमडीए की तैयारियों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। कई स्थानों पर भारी वर्षा के बावजूद कुछ ही घंटों में पानी की निकासी कर दी गई, जिससे लोगों को लंबे समय तक जलभराव की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने इस सफलता का श्रेय जीएमडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत, बेहतर समन्वय और समयबद्ध कार्यप्रणाली को दिया।

सीईओ ने कहा कि गुरुग्राम की सफाई व्यवस्था और मजबूत आधारभूत ढांचे का निर्माण जीएमडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्राधिकरण की पूरी टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं मिल सकें और मानसून के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी दिशा में जीएमडीए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

पी.सी. मीणा ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक जिला है, जो प्रदेश के राजस्व में सबसे बड़ा योगदान देता है। ऐसे में शहर की सड़कों, जल निकासी व्यवस्था, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को उच्च स्तर का बनाए रखना जीएमडीए की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन, अधिकारियों और शहरवासियों के सहयोग से गुरुग्राम को जलभराव मुक्त और अधिक व्यवस्थित शहर बनाया जाएगा।

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Author: New India News Network

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