Edition

गुरुग्राम में DC के रात्रि ठहराव पर उठे सवाल , शिकायतों के ढेर

गुरुग्राम में DC के रात्रि ठहराव पर उठे सवाल, गांवों में शिकायतों के ढेर फिर भी समाधान नहीं!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गुरुग्राम, 01 सितंबर। गुरुग्राम जिले के गांवों में जिला प्रशासन की ओर से रात्रि ठहराव और ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए लगाए जा रहे दरबारों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों के गांवों में पहुंचने और शिकायतें सुनने के बावजूद कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांवों में लंबे समय से सड़क, सीवर, पानी, बिजली, सफाई, जलभराव, अवैध कब्जे और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीण जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखते हैं, लेकिन शिकायतों के समाधान में देरी होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

गुरुग्राम में DC के रात्रि ठहराव पर उठे सवाल, गांवों में शिकायतों के ढेर फिर भी समाधान नहीं!

शिकायतों का लगा अंबार

गांवों में आयोजित प्रशासनिक दरबारों में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतें दर्ज तो कर ली जाती हैं, लेकिन कई मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती। कुछ शिकायतों में संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं देता।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित दरबारों में ही समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य अधूरा रह जाता है।

DC के दरबार के बाद CM के दरबार में फरियाद

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला स्तर पर शिकायतों का समाधान नहीं होने के बाद लोगों को अपनी फरियाद मुख्यमंत्री के दरबार तक लेकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले गांव और जिला स्तर पर अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखते हैं। जब वहां से समाधान नहीं मिलता तो उन्हें प्रदेश के उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल शिकायतें सुनने और दर्ज करने तक सीमित न रहते हुए उनके समाधान की भी नियमित निगरानी की जाए। शिकायतों की विभागवार समीक्षा हो और यह तय किया जाए कि किस अधिकारी या विभाग को कितने समय में समस्या का समाधान करना है।

ग्रामीणों ने उठाई जवाबदेही की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों का गांवों में रात्रि ठहराव और लोगों से सीधे संवाद करना निश्चित रूप से अच्छी पहल है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो और लंबित शिकायतों पर कार्रवाई की रिपोर्ट भी सार्वजनिक की जाए।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुराने मामलों की समीक्षा कर लंबित शिकायतों का जल्द निपटारा किया जाए। साथ ही शिकायतों के समाधान की समयसीमा तय कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए उनका जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करता है और मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचने वाली शिकायतों की संख्या को कम करने के लिए क्या कदम उठाता है।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें