भारत ने दिया वीजा पाकिस्तान ने रोक दिया / सीखो पर अत्याचार

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दिल्ली 11 सितम्बर / पाकिस्तान से आई एक खबर ने धार्मिक आजादी को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के 104 सिख श्रद्धालु भारत आने के लिए तैयार थे। हाथ में भारत का वीजा था, यात्रा की तैयारी पूरी थी और मंजिल थी उत्तराखंड का पवित्र श्री हेमकुंड साहिब। लेकिन फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पाकिस्तान ने इन श्रद्धालुओं को भारत आने से रोक दिया। ये श्रद्धालु किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए नहीं, बल्कि अपनी आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक की तीर्थयात्रा के लिए भारत आ रहे थे। यानी भारत ने वीजा दिया, श्रद्धालुओं ने यात्रा की तैयारी की और वे एयरपोर्ट तक पहुंच गए। लेकिन आखिरी वक्त पर पाकिस्तान की व्यवस्था ने अपने ही नागरिकों का रास्ता रोक दिया।

पाकिस्तान में सिख श्रद्धालुओं के भारत आने को लेकर पहले भी अड़चन सामने आती रही हैं। वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत आने को लेकर भी विवाद हुआ था। पूर्व राज्यसभा सांसद तरलोचन सिंह ने भी पाकिस्तान के उच्चायुक्त से श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति देने की अपील की थी।अब फैसलाबाद एयरपोर्ट की यह घटना पाकिस्तान की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। जिन 104 श्रद्धालुओं को श्री हेमकुंड साहिब में मत्था टेकना था, उनकी यात्रा पाकिस्तान की सरकारी मंजूरियों में अटक गई।भारत ने धार्मिक यात्रा के लिए वीजा जारी किया, लेकिन पाकिस्तान ने अपने ही 104 सिख नागरिकों को भारत आने से रोक दिया।

अब आइये आपको बताते है की श्री हेमकुंड साहिब  के बारे में जहाँ ये लोग दर्शन के लिए आ रहे थे।  दरअसल उत्तराखंड के चमोली जिले में करीब 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सिख धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। बर्फ से घिरी सात पहाड़ी चोटियों के बीच पवित्र झील के किनारे बना यह गुरुद्वारा दुनिया भर के सिखों की आस्था का बड़ा केंद्र है।सिख परंपरा के अनुसार, इसी स्थान पर दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने पूर्व जन्म में तपस्या की थी। हेमकुंड साहिब का उल्लेख दशम ग्रंथ में भी मिलता है। बाद में इस स्थान की पहचान सामने आई और यहां गुरुद्वारा साहिब स्थापित हुआ। आज हर साल देश-विदेश से श्रद्धालु यहां मत्था टेकने पहुंचते हैं।

 

 हेमकुंड साहिब की यात्रा भी आसान नहीं है। श्रद्धालु गोविंदघाट से यात्रा शुरू करते हैं, घांघरिया होते हुए कठिन पहाड़ी रास्तों और चढ़ाई को पार कर इस पवित्र धाम तक पहुंचते हैं। ऊंचाई, ठंड और मुश्किल रास्तों के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था के लिए यह सफर पूरा करते हैं। इसी पवित्र यात्रा के लिए पाकिस्तान के 104 सिख श्रद्धालु भारत आ रहे थे। लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक फैसलाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उन्हें फ्लाइट में सवार होने की अनुमति नहीं दी गई। पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से एनओसी की मांग की गई। पाकिस्तान के इस हरकत से पाकिस्तान में रह रहे सिख परिवार बेहद नाराज है और शायद पाकिस्तान यह भूल गया की सरहदें देशों को बांट सकती हैं, लेकिन आस्था को नहीं। अब नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान इन श्रद्धालुओं को भारत आने की अनुमति देता है या उनकी धार्मिक यात्रा इसी तरह सरकारी अड़चनों में फंसी रहती है।

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Author: New India News Network

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