अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार को घेरा, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

अंकिता भंडारी केस पर बरसीं कुमारी शैलजा BJP सरकार पर उठाए सवाल

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देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और इससे जुड़े लोगों को किसी भी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलने की मांग की। कुमारी शैलजा ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। उन्होंने राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि ऐसे मामलों और राजनीतिक घटनाक्रमों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। उनके मुताबिक, जब किसी संवेदनशील मामले को लेकर सवाल उठते हैं, तो संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के घटनाक्रम से जनता का न्याय व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर होता है।

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी कांग्रेस

प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश की राजनीतिक स्थिति के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की दिशा में गतिविधियां तेज कर दी हैं। कुमारी शैलजा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं गणेश गोदियाल, हरीश रावत, यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह सहित अन्य नेताओं के साथ संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा की। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए तैयारियों को गति देने पर जोर दिया गया। कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन की भूमिका को मजबूत बनाने और प्रदेश के राजनीतिक मुद्दों को जनता के बीच उठाने की तैयारी कर रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पार्टी लगातार निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग उठा रही है।कुल मिलाकर, कुमारी शैलजा की प्रेस वार्ता में अंकिता भंडारी हत्याकांड, राजनीतिक पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वहीं, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक चर्चा से कांग्रेस की चुनावी तैयारियों के तेज होने के संकेत मिले।

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Author: New India News Network

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