गुरुग्राम, 17 अक्टूबर 2026। हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत की लगभग पांच हजार वर्ष पुरानी सभ्यता की निरंतरता का प्रमुख आधार उसकी आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक परंपराएं हैं। विश्व की अनेक प्राचीन सभ्यताएं समय के साथ समाप्त हो गईं, लेकिन भारत ने विभिन्न ऐतिहासिक चुनौतियों के बावजूद अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखा। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराएं, भजन और संस्कार पीढ़ी-दर-पीढ़ी समाज को जोड़ने का काम करते हैं। राज्यपाल शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-37डी स्थित कान्हा फार्म में सार्वजनिक मिलन उत्सव चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूजा पंडाल में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम है दुर्गा पूजा
प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक विरासत देश की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव बढ़ाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को विभिन्न लोगों के साथ संवाद करने और अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलता है, जिससे उनके व्यक्तित्व का विकास होता है। राज्यपाल ने धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज को जोड़ने के लिए सार्वजनिक मिलन उत्सव चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, संस्था के भविष्य के विकास के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
भारत को विकसित और सशक्त राष्ट्र बनाने का आह्वान
राज्यपाल ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से विकसित, सशक्त और उदार राष्ट्र बनाने के लिए सभी नागरिकों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। भारत ऐसा देश बने, जो अपनी प्रगति के साथ-साथ जरूरतमंद देशों की सहायता करने में भी सक्षम हो। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य महान विभूतियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश को आजादी अनेक बलिदानों और संघर्षों के बाद मिली है। इसलिए स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और देश की सुरक्षा को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रो. असीम कुमार घोष ने मां दुर्गा से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति तथा जनकल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान से राष्ट्र और अधिक मजबूत बनता है। दुर्गा पूजा समारोह के माध्यम से राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक सद्भाव के महत्व को रेखांकित करते हुए लोगों से सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।




