गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के इलाकों में बदला मौसम का मिजाज, आसमान में छाए बादल, बारिश से वायु प्रदूषण कम होने की उम्मीद नई दिल्ली, 29 अक्टूबर। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बूंदाबांदी की खबरें सामने आई हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के चलते मौसम में ठंडक का एहसास बढ़ने लगा है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज सर्दियों की दस्तक का संकेत दे रहा है। दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, रोहतक और झज्जर के अलावा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और मेरठ सहित एनसीआर के कई क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर आसमान में बादल छाए हुए हैं और बूंदाबांदी की सूचना है। ऐसे में लोगों को पिछले दिनों के मुकाबले मौसम में ठंडक महसूस हो रही है।
बढ़ते प्रदूषण के बीच बारिश से राहत की उम्मीद
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण चिंता का विषय बना हुआ है। हवा में धूल और प्रदूषक कणों की मौजूदगी के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मौसम में आए बदलाव और बूंदाबांदी से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बूंदाबांदी से वायु प्रदूषण में स्थायी राहत मिलना जरूरी नहीं है। अच्छी बारिश और अनुकूल हवाएं वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों को कम करने में अधिक प्रभावी हो सकती हैं।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में सर्दी की आहट
साइबर सिटी गुरुग्राम और औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में भी मौसम बदलने लगा है। आसमान में बादल छाने और बूंदाबांदी की खबरों के बीच लोगों को सर्दियों के आगमन का एहसास होने लगा है। गुरुग्राम में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह के दौरान मौसम में बदलाव विशेष रूप से महसूस किया जा रहा है। सुबह और शाम के समय ठंडक बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
तेज बारिश हुई तो प्रदूषण से मिल सकती है राहत
दिल्ली-एनसीआर के लोगों की नजर अब आने वाले दिनों के मौसम पर टिकी हुई है। यदि क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है तो हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों में अस्थायी कमी आ सकती है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बाद हवा की गति, तापमान और वातावरण की अन्य परिस्थितियां भी प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करती हैं। ऐसे में केवल बूंदाबांदी के आधार पर प्रदूषण से बड़ी राहत मिलने का दावा करना जल्दबाजी होगी।
मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 30 अक्टूबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है। दिल्ली में गुरुवार सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) करीब 227 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे स्पष्ट है कि बारिश के बावजूद प्रदूषण की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
मौसम में अचानक बदलाव के कारण लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को प्रदूषित हवा से बचाव करने की सलाह दी जाती है। वहीं गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में आसमान पर छाए बादल और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बारिश कितनी होती है और इससे प्रदूषण के स्तर में कितनी राहत मिलती है।








