देहरादून/गैरसैंण, 28 अक्टूबर। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, पलायन और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। बुधवार को गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक सदन के बाहर धरने पर बैठ गए और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के कथित मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े 210 करोड़ रुपये के कथित मामले पर विधानसभा में नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग उठाई। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि गंभीर आरोपों पर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, ये आरोप अभी जांच और राजनीतिक विवाद का विषय हैं। इन्हें प्रमाणित भ्रष्टाचार के रूप में नहीं देखा जा सकता।
विधानसभा में काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर भी विरोध जारी रखा। विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और काले झंडे लहराए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने अंकिता भंडारी प्रकरण समेत अन्य मुद्दों को भी उठाया। विपक्ष का आरोप था कि जनहित से जुड़े गंभीर सवालों पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई जा रही है।
बेरोजगारी और पलायन पर भी उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश में बेरोजगारी और पलायन को लेकर भी भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं और सरकारी नौकरियों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश में युवाओं की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
अनुपूरक बजट को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
यशपाल आर्य ने विधानसभा में पेश 7,844 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी वर्ष में सरकार जनसमस्याओं के समाधान के बजाय प्रचार और घोषणाओं पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने सरकारी विज्ञापनों पर हुए खर्च का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दो दिवसीय विधानसभा सत्र पर जताई नाराजगी
नेता प्रतिपक्ष ने गैरसैंण में विधानसभा का सत्र केवल दो दिनों के लिए आयोजित किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने कम समय में प्रदेश की महत्वपूर्ण समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करना मुश्किल है। यशपाल आर्य ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और यहां विधानसभा सत्र का आयोजन केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए। उन्होंने संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन में जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष के रवैये की आलोचना की
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने विपक्ष के रवैये को अराजकता फैलाने वाला बताया। सरकार का कहना है कि वह प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। विपक्ष के हंगामे के बीच बुधवार को विधानसभा में 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और विनियोग विधेयक समेत कुल 10 विधेयक पारित किए गए। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
उत्तराखंड की राजनीति में बढ़ी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस लगातार भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को उठा रही है। वहीं भाजपा सरकार अपने विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के आरोपों और विधानसभा में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।







