आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित शहीद स्मारक का उद्घाटन 5 नवंबर को गृह मंत्री अमित शाह करेंगे : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

5 नवंबर को अमित शाह करेंगे अंबाला शहीद स्मारक का उद्घाटन, अनिल विज ने दी जानकारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर – हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री  अनिल विज ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह आगामी 5 नवंबर को अम्बाला छावनी में निर्मित शहीद स्मारक का उद्घाटन करने के लिए आ रहे हैं। पहले स्मारक का उद्घाटन होगा और बाद में गांधी ग्राउंड में कार्यकर्ताओं की बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा इस रैली में पहुंचना लोगों के लिए बड़ी बात है क्योंकि हम किसी शहीदी स्मारक के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। पांच नवंबर को उद्घाटन के बाद छह नवंबर से जनता के लिए शहीद स्मारक खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी आदेश दिए हैं कि हरियाणा के विभिन्न स्कूलों व शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यह शहीद स्मारक दिखाया जाएगा ताकि युवाओं को पता चल सके कि 1857 में मेरठ से पहले अम्बाला में स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुआ था। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि 5 नवंबर को अम्बाला छावनी गांधी ग्राउंड में आयोजित रैली में वह अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे क्योंकि यहां राष्ट्रीय स्तर के स्मारक का उद्घाटन समारोह है। विज  अम्बाला शहर के अम्बाला क्लब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता जी की अध्यक्षता में 5 नवंबर को आयोजित शहीद स्मारक के कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर भाजपा पदाधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता जी का स्वागत करते हुए कहा कि डा. अर्चना गुप्ता  ने पदभार संभालने के थोड़े समय में ही बिजली जैसा जोश कार्यकर्ताओं में भर दिया है और वह अपने अनुभव के आधार पर कह सकते हैं कि अर्चना गुप्ता जी की रहनुमाई में भाजपा बहुत तरक्की करेगी और हमारी सरकार लोगों की उम्मीदों पर सौ प्रतिशत पूरा उतरेगी।

किताबों में यही पढ़ाया गया कि आजादी की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी, मगर कांग्रेस के जन्म से पहले 1857 में सशस्त्र लड़ाई पूरे हिंदुस्तान में लड़ी गई – अनिल विज

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि शहीद स्मारक निर्माण को लेकर वह पिछले 25-30 वर्षों से प्रयास करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा किताबों में यही पढ़ाया गया कि आजादी की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी मगर जब उन्होंने और किताबें पढ़ी तो पाया कि कांग्रेस के जन्म से भी पहले 1857 में एक आजादी की लड़ाई सशस्त्र पूरे हिंदुस्तान में लड़ी गई जिसकी शुरूआत अम्बाला से हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिससे पता चलता है कि 1857 में मेरठ से दस घंटे पहले नौ बजे अम्बाला छावनी में 60वीं और 5वीं नेटिव इंफेंटरी ने आजादी की लड़ाई का बिगुल बजा दिया था। मगर, इतिहास में कभी भी उन वीरों को याद नहीं किया गया, जिनको पेड़ों से बांध-बांध कर गोलियां मारी गई, जिनके ऊपर कोहलू चलाए गए उन शहीदों को कभी देश ने श्रद्धांजलि नहीं दी जोकि तकलीफदेय है। 1857 के शहीद भी मां के लाल थे जोकि आजादी की लड़ाई में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए यदि एक कदम भी किसी ने घर से बाहर निकाला वो उसे भी नमन करते हैं चाहे वो कांग्रेसी हो।

5 नवंबर को अमित शाह करेंगे अंबाला शहीद स्मारक का उद्घाटन, अनिल विज ने दी जानकारी

शहीद स्मारक निर्माण के लिए कई बार विधानसभा में उठाई मांग, हमारी सरकार आई तो मिली मंजूरी : अनिल विज

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1857 में सारे देश में आजादी की पहली लड़ाई हुई जिसे कभी किसी ने याद नहीं किया और कहीं कोई स्मारक नहीं बना जहां इस लड़ाई को प्रदर्शित किया जा सके। स्मारक निर्माण के लिए वह विधानसभा में कई बार खड़े हुए और बोले, इसका बकायदा रिकार्ड भी है। एक बार तो उन्होंने कांग्रेस सरकार को मजबूर कर दिया था, मगर कांग्रेस ने स्मारक नहीं बनाया। मगर 2014 में जब हमारी भाजपा सरकार आई तो सरकार ने राष्ट्रीय स्तर का स्मारक बनाने के लिए मंजूरी दी।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें