गुजरात में CM नायब सैनी का इन्वेस्टर रोड-शो, हरियाणा में निवेश के लिए उद्योगपतियों को दिया बड़ा न्योता

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नई दिल्ली, 28 अक्टूबर –  28 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के उद्योगपतियों और उद्यमियों से हरियाणा में निवेश करने तथा अपने कारोबार का विस्तार करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात की उद्यमशीलता और हरियाणा का मजबूत औद्योगिक नेटवर्क मिलकर दोनों राज्यों के लिए निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। हरियाणा सरकार का उद्देश्य निवेशकों को केवल निवेश का आमंत्रण देना नहीं, बल्कि उनके कारोबार के अगले विकास चरण में एक विश्वसनीय साझेदार बनना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन गांधीनगर में आयोजित इन्वेस्टर रोड-शो में बिजनेस लीडर्स और उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने हरियाणा की औद्योगिक क्षमताओं, मजबूत बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।

गुजरात के उद्योगपति हरियाणा में करें कारोबार का विस्तार : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में नई विनिर्माण इकाइयां, कार्यालय, गोदाम और तकनीकी केंद्र स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने गुजरात के उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी कारोबारी विस्तार योजनाओं में हरियाणा को शामिल करें और प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों का अध्ययन कर अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश की संभावनाएं तलाशें। उन्होंने कहा कि गुजरात ने व्यापार, उद्योग और उद्यमशीलता के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सूरत का हीरा और टेक्सटाइल उद्योग, अहमदाबाद का औद्योगिक विकास तथा गुजरात के रसायन, फार्मा और विनिर्माण क्षेत्र इसकी सफलता के प्रमुख उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि और कर्मभूमि है, जबकि हरियाणा भी उनकी कर्मभूमि रहा है। दोनों राज्यों के औद्योगिक अनुभव और संसाधन मिलकर कारोबारी सहयोग की नई संभावनाएं विकसित कर सकते हैं।

हरियाणा का 57 प्रतिशत क्षेत्र एनसीआर में, बेहतर कनेक्टिविटी निवेश की बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति उसकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल है। राज्य का लगभग 57 प्रतिशत क्षेत्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आता है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर हरियाणा को बड़े व्यापारिक एवं उपभोक्ता बाजारों से जोड़ते हैं। इसके अलावा दिल्ली, चंडीगढ़ और नोएडा के हवाई अड्डों तक पहुंच कारोबारी गतिविधियों के लिए सुविधाजनक है। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग के लिए बाजार तक पहुंच, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और समय पर उत्पादों की डिलीवरी महत्वपूर्ण होती है। हरियाणा की बेहतर कनेक्टिविटी इन आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक है।

56 औद्योगिक एस्टेट, 143 ब्लॉकों में एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की पहल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा में ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा सहित अनेक क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। प्रदेश में 56 औद्योगिक एस्टेट हैं और 143 ब्लॉकों में एमएसएमई क्लस्टर विकसित करने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि बड़ी कंपनियों के निवेश से केवल प्रत्यक्ष रोजगार ही पैदा नहीं होते, बल्कि स्थानीय सप्लायरों, छोटे उद्योगों, परिवहन, पैकेजिंग, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं के लिए भी नए अवसर विकसित होते हैं। सरकार चाहती है कि औद्योगिक निवेश का लाभ प्रदेश के युवाओं, कामगारों और छोटे उद्यमियों तक पहुंचे।

गुरुग्राम में 250 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के कार्यालय : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने औद्योगिक विकास के साथ आईटी, डिजिटल सेवाओं और कॉर्पोरेट संचालन के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में 250 से अधिक फॉर्च्यून 500 कंपनियों के कार्यालय, लगभग 270 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और 19 यूनिकॉर्न कंपनियां कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम की यह औद्योगिक और तकनीकी उपस्थिति हरियाणा में वैश्विक कंपनियों के निवेश की संभावनाओं को दर्शाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऑटोमोबाइल और मशीनरी क्षेत्र की कंपनियां हरियाणा के स्थापित औद्योगिक नेटवर्क से जुड़ सकती हैं। वहीं टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सोलर क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी नई इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं मौजूद हैं।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में हरियाणा का लगभग 3.8 प्रतिशत योगदान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र में हरियाणा की हिस्सेदारी लगभग 1.34 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में प्रदेश का योगदान लगभग 3.8 प्रतिशत है। उन्होंने इसे राज्य की आर्थिक क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने और आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 में राज्य ने आवंटित प्रोत्साहन बजट का 96 प्रतिशत उपयोग किया, जबकि पिछले छह वर्षों में इसका औसत उपयोग 83 प्रतिशत रहा।

हरियाणा और गुजरात के बीच सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और गुजरात के संबंध केवल व्यापार और उद्योग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों की साझा सांस्कृतिक विरासत भी है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग का संदेश दिया, जबकि गुजरात की द्वारका करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की सांस्कृतिक निकटता और उद्यमशीलता की परंपरा आर्थिक सहयोग को भी नई दिशा दे सकती है।

नई औद्योगिक नीति में व्यापक इंसेंटिव और सब्सिडी : राव नरबीर सिंह

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में तैयार की गई प्रदेश की नई औद्योगिक नीति देश की बेहतरीन नीतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि इस नीति में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक इंसेंटिव और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। राव नरबीर सिंह ने कहा कि औद्योगिक नीति तैयार करते समय उद्योगपतियों से भी सुझाव लिए गए, ताकि उनकी वास्तविक जरूरतों और व्यावहारिक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने निवेशकों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

ऑटोमोबाइल से लेकर लॉजिस्टिक्स तक निवेश की संभावनाएं : डॉ. अमित अग्रवाल

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि गुजरात के उद्यमियों ने केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने भी ऑटोमोबाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और तकनीक आधारित सेवाओं में मजबूत औद्योगिक आधार विकसित किया है। डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि गुरुग्राम में 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कार्यरत हैं, जो पूरे एनसीआर में इन केंद्रों की मौजूदगी का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा हैं। उन्होंने गुजरात के उद्योगपतियों से हरियाणा में नई फैक्ट्रियां स्थापित करने, विनिर्माण क्षमता बढ़ाने, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करने और वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया।

वरिष्ठ अधिकारी भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध यादव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के संयुक्त निदेशक मानव मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गांधीनगर में आयोजित इन्वेस्टर रोड-शो के दौरान हरियाणा सरकार ने निवेशकों को राज्य के औद्योगिक नेटवर्क, बुनियादी सुविधाओं और कारोबारी संभावनाओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने गुजरात के उद्यमियों को हरियाणा आने और अपने कारोबार के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया।

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Author: New India News Network

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