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गुरुग्राम की तीन तहसीलें दलालों के कब्जे में, वजीराबाद तहसीलदार निलंबन के बाद भी हालात नहीं सुधरे

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गुरुग्राम की तीन तहसीलें दलालों के कब्जे में, वजीराबाद तहसीलदार निलंबन के बाद भी हालात नहीं सुधरे

गुरुग्राम, 7 मार्च।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायक सिंह सैनी के द्वारा प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गुरुग्राम की कई तहसीलों में हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। आरोप है कि दिल्ली से सटे गुरुग्राम जिले की बादशाहपुर, वजीराबाद और हर शुरू तहसील में दलालों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। इससे रजिस्ट्री करवाने आने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और वे दलालों के चंगुल में फंसने को मजबूर हो रहे हैं। 

स्थानीय निवासी राकेश कुमार का कहना है कि वह कई बार हर शुरू तहसील के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी रजिस्ट्री अभी तक नहीं हो पाई है। उनका आरोप है कि अधिकारी समय पर नहीं मिलते और जब मिलते हैं तो उन्हें दलालों के माध्यम से काम कराने का संकेत दिया जाता है।

पहले भी विवादों में रही हैं तहसीलें

बादशाहपुर और वजीराबाद तहसील पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं। बादशाहपुर तहसील में कई रजिस्ट्रियों की जांच में अनियमितताएं सामने आई थीं, जिससे अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे। कई बार जांच के आदेश भी दिए गए, लेकिन जांच के परिणामों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।

लोगों की शिकायतों के बाद गुरुग्राम के जिला उपायुक्त उपायुक्त अजय कुमार  ने बादशाहपुर, फरुखनगर, मानेसर और वजीराबाद तहसीलों की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि यह जांच राजस्व विभाग के अधिकारियों से ही कराई गई, जिस पर शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस विभाग के खिलाफ शिकायत हो, उसी विभाग के अधिकारियों से जांच कराना जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।

वजीराबाद तहसीलदार का निलंबन भी बना सवाल

हाल ही में वजीराबाद तहसील के  तहसीलदार को निलंबित किया गया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस शिकायत के आधार पर निलंबित किया गया और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जा रही है।

शिकायतों के बावजूद नहीं मिल रहा समाधान

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे कई बार जिला उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला। कुछ लोग तो परेशान होकर अपनी शिकायतें छोड़कर घर बैठने को मजबूर हो गए हैं। इस मामले में जिला उपायुक्त से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी, जिसके चलते उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।

मुख्यमंत्री के दावों पर उठ रहे सवाल

मुख्यमंत्री  बार-बार बैठकों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते हैं, लेकिन गुरुग्राम में जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि तहसीलों में दलालों के माध्यम से भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है।

एंटी करप्शन ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार भी हरियाणा में भ्रष्टाचार से जुड़ी सबसे अधिक शिकायतें गुरुग्राम से सामने आती हैं। कई मामलों में अधिकारी और कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार भी किए गए हैं।

गुरुग्राम में बढ़ती भ्रष्टाचार की शिकायतें

  • एंटी करप्शन ब्यूरो के आंकड़ों में सबसे अधिक शिकायतें गुरुग्राम से

  • कई मामलों में अधिकारी और कर्मचारी रंगे हाथों गिरफ्तार

  • तहसीलों में दलालों की सक्रियता से बढ़ रही लोगों की परेशानी

  • प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या गुरुग्राम की तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकेगी।

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Author: New India News Network

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