चंडीगढ़,09 मार्च 2026
नायब सिंह सैनी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को बड़ी आर्थिक सहायता जारी की। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने बताया कि आज कुल 1884 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में वितरित की गई है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत 842 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि 26 लाख 12 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे भेजी गई। इन योजनाओं में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से किया जा रहा है, जो सरकार की पारदर्शिता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि सरकार का सक्रिय मॉडल परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) डाटाबेस के आधार पर काम करता है, जिसके तहत पात्रता स्वतः निर्धारित हो जाती है और लाभ सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 की फसलों के लिए किसानों को बीमा दावा राशि भी वितरित की गई है। इसके तहत 1 लाख 67 हजार 460 किसानों के खातों में 711 करोड़ 69 लाख रुपये की बीमा राशि डाली गई है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में किसानों को फसल मुआवजा और फसल बीमा योजना के तहत 16 हजार 160 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
इसके अलावा प्रदेश के लगभग 11 हजार 199 आढ़तियों के बैंक खातों में 56 करोड़ 97 लाख रुपये की राशि सीधे भेजी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान आढ़तियों को अब तक 239 करोड़ 28 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही रबी-खरीफ सत्र 2024-25 से गेहूं, धान और बाजरा पर 55 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दयालु योजना के तहत आज 5,409 परिवारों को 205 करोड़ 42 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अब तक इस योजना के तहत 55,407 परिवारों को कुल 2,086 करोड़ 77 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने आवारा पशुओं के हमले से घायल या आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में सहायता देने के लिए ‘दयालु योजना-2’ भी लागू की है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 12,353 लाभार्थियों के खातों में मकान निर्माण के लिए 67 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2016-17 से अब तक इस योजना के तहत 720 करोड़ 22 लाख रुपये की वित्तीय सहायता लाभार्थियों को प्रदान की जा चुकी है।







