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राज्यसभा में कांग्रेस समेत विपक्ष का हंगामा,वॉकआउट पर नड्डा का हमला

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नई दिल्ली, 09 मार्च 2026

राज्यसभा में आज  उस समय राजनीतिक माहौल गर्म हो गया जब पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देने के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर खड़े हुए। जैसे ही उन्होंने अपना वक्तव्य शुरू किया, विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया और सदन से walkout कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सदन में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला।

दरअसल, कार्यवाही के दौरान सभापति ने औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद विदेश मंत्री को पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर सरकार का पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन उसी समय कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बोलने की अनुमति मांगी। उन्हें अनुमति मिलने पर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

खरगे ने अपने बयान में कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का असर भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और वहां काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी मांग की कि इस विषय पर सदन में एक लघु अवधि की विस्तृत चर्चा कराई जाए ताकि सरकार और विपक्ष मिलकर इस मुद्दे पर विचार कर सकें।

हालांकि सभापति ने खरगे से कहा कि उन्हें बाद में विस्तार से बोलने का अवसर दिया जाएगा और पहले विदेश मंत्री को अपना बयान पूरा करने दिया जाए। जैसे ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपना वक्तव्य शुरू किया, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और उन्होंने मांग की कि पहले विपक्ष के नेता को पूरा बोलने दिया जाए। इसी मुद्दे को लेकर सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और विपक्षी सांसद विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर गए।

विपक्ष के वॉकआउट के बाद विदेश मंत्री ने अपना बयान जारी रखा और सरकार की ओर से पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत की नीति और चिंता को सामने रखा। बयान समाप्त होने के बाद सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री **जेपी नड्डा** ने विपक्ष के रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष लगातार ऐसे मुद्दों पर हंगामा करता है जहां गंभीर चर्चा की आवश्यकता होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने नहीं देना चाहता और अक्सर महत्वपूर्ण वक्तव्यों के दौरान वॉकआउट कर देता है।

उन्होंने यह भी कहा कि संसद देश के विकास और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा का मंच है, लेकिन विपक्ष बार-बार इसे बाधित करने की कोशिश करता है। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में संवाद और चर्चा जरूरी है, लेकिन अगर वे हर बार वॉकआउट करेंगे तो उनकी भूमिका धीरे-धीरे कमजोर होती चली जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे गंभीर अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी राजनीतिक मतभेद साफ दिखाई दिए, जिससे संसद का माहौल काफी गरमाया रहा।

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Author: New India News Network

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