नई दिल्ली/चंडीगढ़,
17 अप्रैल — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य की खेल नीति को देश में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि आज हरियाणा खेलों का “पावर हाउस” बन चुका है, जबकि पड़ोसी राज्य पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने यह बात चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित खेल स्टेडियम में आयोजित “एलेंजर्स गली क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन-4” के उद्घाटन अवसर पर कही।
खेल नीति ने बदली हरियाणा की तस्वीर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस निवेश का परिणाम यह हुआ कि हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि युवाओं को सही दिशा देना भी है। आधुनिक खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और नई तकनीकों के माध्यम से खिलाड़ियों को विश्व स्तर की तैयारी दी जा रही है।
“बल्ला घुमाओ-नशा भगाओ” अभियान की सराहना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट की थीम “बल्ला घुमाओ-नशा भगाओ” की जमकर सराहना की। उन्होंने स्वयं बल्ला घुमाकर इस अभियान का प्रतीकात्मक संदेश दिया और युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
इस मौके पर उन्होंने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत युवाओं को शपथ भी दिलाई। उनका कहना था कि खेल न केवल शारीरिक विकास करता है बल्कि युवाओं को अनुशासन और सकारात्मक जीवन की ओर भी प्रेरित करता है।
ओलंपिक 2036 के लिए हरियाणा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के “ओलंपिक 2036” के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा इस लक्ष्य को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में खेलों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि हर गांव में खेल का मैदान और हर बच्चे को खेल से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
खिलाड़ियों के लिए आकर्षक सुविधाएं
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में ओलंपिक, पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को 6 करोड़ रुपये तक का नकद पुरस्कार और सरकारी नौकरी दी जाती है।
इसके अलावा, “हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021” के तहत खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 550 नए पद सृजित किए गए हैं और 231 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में खिलाड़ियों के इलाज और रिकवरी के लिए अत्याधुनिक रिहैबिलिटेशन सेंटर भी स्थापित किया गया है।
छात्र खिलाड़ियों को मिल रही छात्रवृत्ति
राज्य सरकार शिक्षा और खेल दोनों में संतुलन बनाए रखने के लिए छात्र खिलाड़ियों को प्रोत्साहन दे रही है। वर्ष 2014-15 से अब तक लगभग 24 हजार छात्र खिलाड़ियों को 70 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है।
युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हार-जीत से ऊपर उठकर खेल भावना को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली जीत लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने में है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और खेलों को अपनाकर अपने जीवन और देश का भविष्य उज्ज्वल बनाएं।








