गुरुग्राम के 900 मीटर रक्षा क्षेत्र में कमर्शियल कनेक्शन पर विवाद, बिजली विभाग पर नियमों की अनदेखी के आरोप
गुरुग्राम, 25 जून। गुरुग्राम के रक्षा क्षेत्र (डिफेंस एरिया) के 900 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। गुरुग्राम गांव निवासी सचिन ने हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के उच्च अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि बिजली विभाग नियमों और न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी करते हुए रक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक बिजली कनेक्शन जारी करने की तैयारी कर रहा है।

शिकायतकर्ता के अनुसार गुरुग्राम के रक्षा क्षेत्र के 900 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार की बड़ी कमर्शियल गतिविधि, बड़े गोदाम अथवा औद्योगिक इकाई स्थापित करने पर विभिन्न नियमों और निर्देशों के तहत प्रतिबंध है। उनका दावा है कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हुए हैं। इसके बावजूद क्षेत्र में बड़े गोदामों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
सचिन ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस पूरे मामले में हुडा (HSVP), राजस्व विभाग और बिजली विभाग के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभाग अपने-अपने रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग व्याख्या कर रहे हैं, जिसका लाभ उठाकर कुछ लोगों को नियमों के विपरीत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उनका कहना है कि यदि बिजली विभाग व्यावसायिक बिजली कनेक्शन जारी नहीं करे तो ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं मिल सकता।
व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी क्षेत्र की संवेदनशीलता और नियमों से पूरी तरह अवगत हैं, फिर भी एक प्रस्तावित सीएनजी पंप को कमर्शियल बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित क्षेत्र रक्षा प्रतिष्ठानों के निकट है और वहां व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध है, तो आखिर किस नियम के तहत कमर्शियल कनेक्शन देने की तैयारी की जा रही है।
मिलीभगत के चलते नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है
सचिन का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से इस बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर मिलीभगत के चलते नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है और कुछ कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में कार्यरत सभी संबंधित अधिकारियों को इस बात की जानकारी है कि रक्षा क्षेत्र में किसी भी नई कमर्शियल गतिविधि के लिए बिजली कनेक्शन जारी करना नियमों के अनुरूप नहीं है। इसके बावजूद यदि ऐसा किया जाता है तो यह न केवल विभागीय नियमों बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी प्रभावित कर सकता है।
कथित सांठगांठ को उजागर किया जाएगा 
शिकायतकर्ता ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह इसे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के समक्ष भी उठाएंगे। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण में विभागों के बीच तालमेल की कमी और अधिकारियों की कथित सांठगांठ को उजागर किया जाएगा, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सचिन ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध या नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधि तथा उससे जुड़े बिजली कनेक्शन पर रोक लगाई जा सके।
आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो पाया।

इस मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। फोन पर संपर्क न होने के कारण विभाग का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो पाया।
फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







