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हरियाणा में नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, गुरुग्राम में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई

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गुरुग्राम, 21 जुलाई

हरियाणा सरकार प्रदेश में नकली और मिलावटी दवाओं के कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर स्टेट ड्रग्स कंट्रोलर रिपन मेहता के नेतृत्व में हरियाणा फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने राज्यभर में विशेष अभियान चला रखा है। इसका मुख्य उद्देश्य नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री में शामिल संगठित गिरोहों पर शिकंजा कसना है।

एफडीए के अनुसार, गुरुग्राम बीते कुछ वर्षों में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ सबसे बड़े ऑपरेशन का केंद्र बना है। यहां की प्रवर्तन टीम ने न केवल हरियाणा बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों तक फैले नेटवर्क का खुलासा किया है। कुछ मामलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित सप्लाई चेन के भी संकेत मिले हैं, जिनकी जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं।

ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान ने बताया कि एफडीए गुरुग्राम की टीम ने लगातार अभियान चलाकर कई हाई-प्रोफाइल मामलों का खुलासा किया है। इन कार्रवाइयों में करोड़ों रुपये की नकली दवाएं जब्त की गई हैं और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

2024: टोफाजैक दवा मामले में बड़ी सफलता

एफडीए ने वर्ष 2024 में गुरुग्राम के सेक्टर-39 स्थित एक मेडिकल स्टोर और उससे जुड़े आवासीय परिसर पर छापेमारी कर गठिया रोग के उपचार में इस्तेमाल होने वाली टोफाजैक दवा की 1,000 से अधिक नकली डिब्बियां बरामद की थीं।

इस मामले में यूसुफ खान, मोहम्मद जुबैर और मोहम्मद नसीम को गिरफ्तार किया गया, जबकि नियामत समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि नकली दवाओं को असली पैकेजिंग में बाजार में सप्लाई किया जा रहा था।

2025: नकली हार्मोन इंजेक्शन रैकेट का भंडाफोड़

वर्ष 2025 में एफडीए गुरुग्राम ने हेड ऑन (Somatropen) नामक नकली हार्मोन इंजेक्शन के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच के दौरान पता चला कि यह गिरोह कूरियर सेवाओं और अवैध वितरण चैनलों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में इंजेक्शन पहुंचा रहा था।

इस मामले में हरी ओम को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी जतिन खन्ना फरार हो गया था। उसकी अग्रिम जमानत याचिका 20 जुलाई 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी, जिससे जांच एजेंसियों को बड़ी राहत मिली।

70 लाख रुपये के नकली माउंटजारो इंजेक्शन बरामद

अप्रैल 2026 में एफडीए गुरुग्राम ने डीएलएफ फेज-4 और सेक्टर-69 में एक साथ छापेमारी कर नकली माउंटजारो (Mounjaro) इंजेक्शन के बड़े रैकेट का खुलासा किया। यह इंजेक्शन मधुमेह और वजन कम करने के इलाज में उपयोग किया जाता है।

कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपये मूल्य के नकली इंजेक्शन जब्त किए गए। मौके से अवि शर्मा और मुजामिल खान को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।

जुलाई 2026: टेल्मा-एएम नकली दवा गिरोह का खुलासा

एफडीए गुरुग्राम ने जुलाई 2026 में नकली टेल्मा-एएम टैबलेट के निर्माण और वितरण में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया।

जांच में पता चला कि दिल्ली के ओखला स्थित एक बिना लाइसेंस वाले थोक विक्रेता के माध्यम से नकली दवाएं गुरुग्राम और आसपास के मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाई जा रही थीं।

सबसे पहले सुव्रत को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से जुबैर को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।

एफडीए गुरुग्राम और दिल्ली एफडीए की संयुक्त टीम ने ओखला स्थित गोदाम पर छापेमारी कर 323 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं बरामद कीं, जिन्हें बिना वैध ड्रग लाइसेंस के रखा गया था। यह कार्रवाई 20 जुलाई की देर रात 2:10 बजे तक चली।

12 आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई

एफडीए गुरुग्राम की प्रवर्तन टीम, जिसमें अमनदीप चौहान, सुरेश कुमार और मुकेश कुमार शामिल हैं, ने इन प्रमुख मामलों में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराई है।

एफडीए के अनुसार, इनमें से 10 गिरफ्तारियां सीधे तौर पर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान द्वारा की गई जांच और फील्ड ऑपरेशन के दौरान हुई हैं। विभाग का कहना है कि आने वाले समय में भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।

जनता से सतर्क रहने की अपील

एफडीए ने आम नागरिकों, अस्पतालों, डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की है कि वे दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें। किसी भी दवा की पैकेजिंग, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट या गुणवत्ता पर संदेह होने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

विभाग ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री या अवैध भंडारण की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना तत्काल हरियाणा एफडीए को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री का स्पष्ट संदेश

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा सरकार जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। नकली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सुरक्षित और पारदर्शी दवा आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

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Author: New India News Network

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