संत गुरु रविदास जी की पवित्र कलश यात्रा सामाजिक समरसता का राष्ट्रीय अभियान, पूरी श्रद्धा के साथ हरियाणा की रहेगी सक्रिय भागीदारी : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
संत गुरु रविदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक : नायब सिंह सैनी
मुख्यमंत्री ने कहा, हरियाणा सरकार समरसता और सामाजिक न्याय की भावना को कर रही है साकार
गुरुग्राम, 4 अगस्त।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी के श्री गुरु रविदास जन्मस्थल, सीर गोवर्धनपुर से प्रारंभ हुई पवित्र कलश यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्रीय एकता का जनआंदोलन है। जिसमें हरियाणा पूरी श्रद्धा, सक्रिय सहभागिता और जनभागीदारी के साथ अपना योगदान देगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार को गुरुग्राम में आयोजित भव्य समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे, जहां से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र कलश यात्रा को हरियाणा के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के लिए विधिवत रवाना किया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने श्री शीतला माता मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने 30 जुलाई को कलश यात्रा के गुरुग्राम आगमन पर मंदिर परिसर में स्थापित पवित्र कलश को श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर धारण कर यात्रा रवानगी स्थल तक पहुंचाया और वहां से कलश यात्रा को सभी 27 जिला के प्रतिनिधियों को सौंपते हुए रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आयोजन स्थल पर मौजूद संत समाज के प्रतिनिधियों का शाल भेंट कर उनका सम्मान किया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया।
उल्लेखनीय है कि 29 जुलाई को वाराणसी से प्रारंभ हुई यह पवित्र कलश यात्रा 30 जुलाई को गुरुग्राम पहुंची थी, जहां प्रदेश के विभिन्न कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया। गुरुग्राम शहर के प्रमुख मार्गों से श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में गुजरने के उपरांत पवित्र कलश को श्री माता शीतला मंदिर में विधिवत स्थापित किया गया था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कलश यात्रा के शुभारम्भ से पूर्व उपस्थितजन को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा आगामी 20 फरवरी 2027 तक देशभर में भ्रमण कर संत गुरु रविदास जी के समता, न्याय और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएगी। हरियाणा के सभी संगठनात्मक जिलों के माध्यम से यह पवित्र कलश गांव-गांव, शहर-शहर और घर-घर पहुंचेगा तथा समाज को जोड़ने का कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गुरुग्राम की संत रविदास धर्मशालाओं के लिए 31 लाख की राशि देने को घोषणा भी की।
संत गुरु रविदास जी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी से यह संदेश दिया कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति या जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म और चरित्र से होती है। काशी से लाई गई पवित्र माटी इस सत्य का प्रतीक है कि मिट्टी की कोई जाति, धर्म या ऊंच-नीच नहीं होती। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का सपना ऐसा समाज है, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, सभी को समान अवसर मिले, कोई भूखा न सोए और प्रत्येक व्यक्ति सम्मान एवं निर्भय जीवन का अधिकारी बने। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि उनके समरसता के संदेश को केवल शब्दों तक सीमित न रखकर जीवन में उतारा जाए।
हरियाणा सरकार समरसता और सामाजिक न्याय की भावना को कर रही है साकार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र में संत गुरु रविदास जी की समरसता की भावना का आधुनिक स्वरूप दिखाई देता है। हरियाणा सरकार भी इसी विचारधारा के अनुरूप पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से बिना पर्ची और बिना खर्ची सरकारी नौकरियां, गरीब कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। उन्होंने सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, जिला अध्यक्षों और श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे पवित्र कलश यात्रा को जनभागीदारी का अभियान बनाते हुए संत गुरु रविदास जी के समरसता, सेवा, समानता और मानवता के संदेश को हर घर तक पहुंचाने का संकल्प लें।







