रेवाड़ी में गोवंश की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, 7 दिन में दो लोगों की गई जान; सड़कों पर खुलेआम घूम रहा गोवंश
रेवाड़ी। शहर में आवारा और पालतू गोवंश का सड़कों पर जमावड़ा लोगों की जान पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह माता चौक के पास गोवंश की टक्कर की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, सुबह के समय बुजुर्ग माता चौक के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान सड़क पर मौजूद गोवंश की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
7 दिन में गोवंश की चपेट में दो मौतें
रेवाड़ी शहर में गोवंश के कारण होने वाले हादसों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि महज 7 दिनों के अंदर गोवंश की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे इन हादसों ने शहर में गोवंश प्रबंधन को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की लगभग तमाम प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर गोवंश का जमावड़ा देखा जा सकता है। कई बार गोवंश सड़क के बीचों-बीच बैठा रहता है, जबकि कई जगह झुंड के रूप में घूमता दिखाई देता है। रात के समय स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है, क्योंकि वाहन चालकों को अचानक सड़क पर बैठे पशु दिखाई नहीं देते।
शहरी सरकार के दावों पर उठे सवाल
गोवंश को सड़कों से हटाने और उनके लिए उचित व्यवस्था करने को लेकर समय-समय पर प्रशासन और शहरी सरकार की ओर से दावे किए जाते रहे हैं। लेकिन जमीनी तस्वीर इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
शहर की सड़कों पर जगह-जगह गोवंश का जमावड़ा इस बात की गवाही दे रहा है कि समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है। कार्रवाई के बावजूद कुछ समय बाद दोबारा सड़कों पर गोवंश दिखाई देने लगता है।
बेसहारा ही नहीं, पालतू गोवंश भी सड़कों पर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़कों पर केवल बेसहारा गोवंश ही नहीं घूम रहा, बल्कि बड़ी संख्या में पालतू गोवंश को भी उनके मालिक खुले में छोड़ देते हैं। सुबह और शाम के समय कई इलाकों में बड़ी संख्या में पशु सड़कों पर दिखाई देते हैं।
लोगों का कहना है कि जब तक पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने वाले लोगों की जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। प्रशासन को गोवंश को पकड़ने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पकड़े गए पशु दोबारा सड़कों पर न पहुंचें।
आखिर कब निकलेगा ठोस समाधान?
लगातार हो रहे हादसों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर रेवाड़ी की सड़कों को गोवंश से कब राहत मिलेगी? क्या प्रशासन केवल हादसे के बाद कार्रवाई करेगा या फिर ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे सड़क पर गोवंश आने की समस्या स्थायी रूप से खत्म हो सके?
माता चौक पर बुजुर्ग की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल सामने है कि क्या किसी और हादसे का इंतजार किया जाएगा या प्रशासन अब ठोस कदम उठाएगा? स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि शहर की सड़कों से गोवंश को हटाने के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए और पालतू पशुओं को खुले में छोड़ने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।






