औद्योगिक इकाइयों में योगासन करेंगे श्रमिक और कर्मचारी, रोजाना मिलेगा 5 मिनट का ‘वाई-ब्रेक’
चंडीगढ़, 18 अगस्त। हरियाणा की औद्योगिक इकाइयों में अब श्रमिक और कर्मचारी काम के दौरान योगासन करते नजर आएंगे। प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में प्रतिदिन पांच मिनट का ‘वाई-ब्रेक’ (कार्यस्थल पर योग ब्रेक) शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
आयुष विभाग की ओर से सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को इस संबंध में एडवाइजरी जारी कर इसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पहल के तहत प्रत्येक औद्योगिक इकाई में योग शिविर और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को कार्यस्थल पर ही योगाभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
एक माह में प्रशिक्षित कर्मचारी की व्यवस्था
आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई में एक माह के भीतर 50 कर्मचारियों पर एक प्रशिक्षित कर्मचारी की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक शिफ्ट में 50 कर्मचारियों के समूह के लिए एक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध रहेगा, जो उन्हें योगासन और ‘वाई-ब्रेक’ के दौरान आवश्यक अभ्यास करवाएगा।
सरकार की योजना है कि योग को कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए, जिससे लंबे समय तक काम करने के कारण होने वाले शारीरिक तनाव और मानसिक दबाव को कम करने में मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में था प्रावधान
औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ‘वाई-ब्रेक’ की यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा में शामिल की गई थी। इसके बाद आयुष विभाग ने इसे अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
सरकार का मानना है कि कार्यस्थल पर कुछ मिनट का योगाभ्यास कर्मचारियों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो सकता है।
श्रमिक कल्याण की दिशा में सकारात्मक कदम
पीएफटीआई के चेयरमैन दीपक मैनी ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे श्रमिकों के कल्याण की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान देना जरूरी है और कार्यस्थल पर योग जैसी गतिविधियां इसमें उपयोगी साबित हो सकती हैं।
हरियाणा सरकार की इस पहल से प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले बड़ी संख्या में श्रमिकों और कर्मचारियों को नियमित रूप से योगाभ्यास का अवसर मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता के साथ-साथ उनके समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा।









