डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण पर चला पीला पंजा, गेस्ट हाउस सील
मोलसरी एवेन्यू रोड और वी ब्लॉक में कार्रवाई; स्टिल्ट पार्किंग के चार कमरे ढहाए, सड़क पर रखे गार्ड रूम भी हटाए
गुरुग्राम, 17 अगस्त।
डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग का अभियान सोमवार को भी जारी रहा। जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन (डीटीपीई) अमित मधोलिया के नेतृत्व में विभाग की टीम ने मोलसरी एवेन्यू रोड और वी ब्लॉक में कार्रवाई की। इस दौरान एक गेस्ट हाउस को खाली करवाकर सील किया गया। वहीं, स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए चार अवैध कमरों, रेस्तरां, जूस की दुकान और प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया।
नक्शे में प्रत्येक मंजिल पर छह कमरों का प्रावधान था
कार्रवाई दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुई। टीम मोलसरी एवेन्यू रोड स्थित एक गेस्ट हाउस पहुंची। संचालक ने गेस्ट हाउस के लिए सीएलयू से जुड़े दस्तावेज टीम को दिखाए, लेकिन मौके पर भवन के स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण मिला। स्टिल्ट पार्किंग में चार कमरे बनाए गए थे। इसके अलावा बेसमेंट में छह और छत पर दो अतिरिक्त कमरे भी मिले। स्वीकृत नक्शे में प्रत्येक मंजिल पर छह कमरों का प्रावधान था, जबकि मौके पर आठ-आठ कमरे बनाए गए थे।
30 कमरे मेहमानों से भरे हुए थे
प्रवर्तन टीम ने पहले स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए चारों कमरों को बुलडोजर से ध्वस्त किया। कार्रवाई के समय गेस्ट हाउस में करीब 30 कमरे मेहमानों से भरे हुए थे। टीम ने पहले गेस्ट हाउस को खाली करवाया और इसके बाद पूरी इमारत को सील कर दिया।
इसके बाद टीम एक अन्य स्थान पर पहुंची, जहां रेस्तरां, जूस की दुकान और प्रॉपर्टी डीलर का कार्यालय संचालित हो रहा था। संबंधित लोगों को जगह खाली करने के लिए 20 मिनट का समय दिया गया। समय पूरा होने के बाद टीम ने बुलडोजर चलाकर इन गतिविधियों से जुड़े अवैध निर्माण को हटा दिया।
सड़क की जमीन पर रखे गार्ड रूम भी हटाए
निरीक्षण के दौरान तीन मकानों के बाहर सड़क की जमीन पर रखे गार्ड रूम भी टीम की नजर में आए। इन्हें भी मौके से हटाया गया। एक मकान मालिक ने कार्रवाई से बचने के लिए बाहर रखा गार्ड रूम घर के अंदर कर लिया। जानकारी मिलने पर टीम ने गार्ड रूम को घर के अंदर से बाहर निकलवाया और उसे भी ध्वस्त कर दिया।
10 इमारतों पर कार्रवाई रोकनी पड़ी
मोलसरी एवेन्यू रोड पर करीब 10 अन्य इमारतों का निरीक्षण भी किया गया। इन इमारतों के मालिकों ने टीम के सामने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश प्रस्तुत किया। दस्तावेजों की जांच के बाद इन संपत्तियों पर कार्रवाई नहीं की गई। संबंधित मामलों में अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। विभाग की ओर से अदालत में अपना जवाब दाखिल किया जाएगा।
एक गेस्ट हाउस को मौके पर दिया नोटिस
अभियान के दौरान टीम एक ऐसे गेस्ट हाउस पर भी पहुंची, जिसे पहले नोटिस जारी नहीं किया गया था। डीटीपीई की ओर से मौके पर ही नोटिस चस्पा कर संचालक को एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के मुताबिक जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे नियमानुसार सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि स्टिल्ट पार्किंग में कमरे बनाने से पार्किंग की जगह कम होती है, जिससे वाहन सड़क पर खड़े होते हैं और यातायात प्रभावित होता है। इसी तरह पीजी और गेस्ट हाउस जैसी गतिविधियों से आसपास के निवासियों को भी परेशानी होती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।









