सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई

सुशांत लोक और साउथ सिटी में अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 

गुरुग्राम, 8 सितंबर।  नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन अमित मधोलिया के नेतृत्व में मंगलवार को सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक और साउथ सिटी-1 के बी ब्लॉक में रिहायशी भवनों में किए गए अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कई भवनों में तोड़फोड़ की गई, जबकि व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जा रहे भवनों को सील किया गया।

सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में कार्रवाई की कमान जिला नगर योजनाकार प्रवर्तन अमित मधोलिया ने स्वयं संभाली। वहीं, साउथ सिटी-1 के बी ब्लॉक में सहायक नगर योजनाकार दिव्या दहिया के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

दोनों कालोनियों में एक दर्ज़न से अधिक मकानों में सीलिंग और तोड़फोड़ कार्रवाई हुई

सुशांत लोक-1 में छह भवनों पर कार्रवाई
सुशांत लोक-1 के ए ब्लॉक में मकान नंबर 603बी में बड़े स्तर पर नियमों का उल्लंघन सामने आया। भवन कीबेसमेंट में महिलाओं के कपड़ों यानि बूटीक संचालित किया जा रहा था। भूतल के स्तिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में अवैध कार्यालय और रसोई बनाई गई थी, जबकि पहली मंजिल पर उपचार केंद्र संचालित हो रहा था। दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्टूडियो कमरों के रूप में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। प्रत्येक मंजिल पर छह कमरे थे, जबकि पांचवीं मंजिल पर पांच कमरे पाए गए। कुल 23 कमरों को सील किया गया।
मकान नंबर 602 की स्टिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में बनाए गए चार कमरे और शौचालयों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
मकान नंबर 594 के स्टिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में बनाए गए चार कमरे और शौचालयों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
मकान नंबर 595 के स्टिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में बने चार कमरे और शौचालयों को ध्वस्त किया गया।
मकान नंबर 561बी के स्टिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में बनाए गए चार कमरे और शौचालयों को ध्वस्त किया गया। इसके साथ ही भवन में संचालित कार्यालय को भी तोड़ दिया गया।
मकान नंबर 563सी के स्टिल्ट पार्किंग वाले खुले हिस्से में बनाए गए तीन कमरे और शौचालयों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।

सुशांत लोक एक में गेट, अवैध गार्ड रूम, आरओडब्लू में अतिक्रमण पर भी चलाया पीला
सुशांत लोक एक में आरडब्लूए द्वारा लगाया गया गेट भी तोड़ दिया गया, यहां जलभराव की समस्या रहती थी और लोगों कों इस गेट के स्थायी बंद होने से परेशानी होती थी, आरओडब्लू में अवैध गार्ड रूम भी तोड़ा, दस घरों के आगे से आरओडब्लू में बनी क्यारी और अन्य अतिक्रमण पर भी जेसीबी चलायी गयी।

साउथ सिटी-1 में व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई
साउथ सिटी-1 के बी ब्लॉक में भी रिहायशी भवनों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मकान नंबर बी-92 की बेसमेंट सहित सभी मंजिलों पर कार्यालय संबंधी व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। यहां एक कार्यस्थल के रूप में भवन का उपयोग किया जा रहा था और इसके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।
मकान नंबर बी-100ए के पूरे ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में संपत्ति संबंधी कार्यालय संचालित किया जा रहा था। विभाग की टीम ने यहां भी कार्रवाई की।
मकान नंबर बी-103 में चारों मंजिलों, बेसमेंट और छत पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। भवन को सील कर दिया गया। मकान नंबर बी-106 की सभी मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले में कार्रवाई की गई।
मकान नंबर बी-62 की बेसमेंट में संचालित कार्यालय को सील किया गया, जबकि स्टिल्ट पार्किंग पर बनाए गए घरेलू सहायक के कमरे को ध्वस्त कर दिया गया।

90 प्रतिशत क्षेत्र का सर्वे पूरा

नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग के डीटीपीई अमित मधोलिया की ओर से गुरुग्राम की सभी लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अब तक करीब 90 प्रतिशत क्षेत्र का सर्वे पूरा किया जा चुका है। सर्वे के दौरान भवनों में किए गए अवैध निर्माण के साथ-साथ स्वीकृत उपयोग के विपरीत किए जा रहे व्यावसायिक उपयोग की भी पहचान की जा चुकी है। सभी कों नोटिस और रेस्टोरेशन आदेश देने का काम तेजी से चल रहा हैं और कई कालोनियों में पूरा भी हो चुका हैं।

विभाग के अनुसार, अब तक मुख्य रूप से डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। अब इसके साथ ही सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में भी सर्वे के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

न्यायालय के आदेशों के बाद कार्रवाई में तेजी

लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में कार्रवाई के अधिकार क्षेत्र को लेकर नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग और नगर निगम के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की ओर से सोमवार को स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद कार्रवाई को और गति मिली है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय की ओर से भी अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत किए जा रहे उपयोग के संबंध में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

यह स्पष्ट है कि लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में स्वीकृत भवन योजना और निर्धारित उपयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाले भवनों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

New India News Network
Author: New India News Network

new india news network

Leave a Comment

और पढ़ें