- बादशाहपुर, वजीराबाद तहसील भ्रष्टाचार के कब्जे में
- राजस्व विभाग के कई कर्मचारी अधिकारी लंबित होने के बाद भी इन तहसीलों में खुला खेल
गुरुग्राम 15 मार्च।
हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार भ्रष्टाचार पर पाबंदी लगाने के लिए प्रयास कर रहा है लेकिन देश की राजधानी दिल्ली के साथ गुरुग्राम कई तहसील तहसीलों में दलालों के बिना रजिस्ट्री नहीं हो पा रही हैं इसके चलते लगातार बादशाहपुर वजीराबाद और सोहना तहसील एक बार फिर हरियाणा प्रदेश में सुर्खियों में आ गई है जबकि सोना तहसील में एक कर्मचारी को भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित कर दिया वहीं वजीराबाद के तहसीलदार को भी निलंबित करना पड़ा लेकिन इसके बावजूद भी इन तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने का नाम नहीं ले रहा।
भ्रष्ट तहसीलदारों की जांच अधूरी।
जींन तहसीलदारों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए उनको राजस्व विभाग की ओर से निलंबित तो कर दिया गया लेकिन उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की गई और कुछ दिन बाद निलंबित तहसीलदारों को दोबारा से तहसीलों में बड़ी पोस्टों पर फिर लगा दिया जिससे राजस्व विभाग पर एक बार फिर सवाल उठने लगे वहीं जिन तहसीलदारों के खिलाफ जांच की गई उन तहसीलदारों को भी एक बार फिर से बड़ी-बड़ी तहसीलों में विराजमान कर दिया और जो तहसीलदार जेल की सलाखों के पीछे रहे आज वह भी साथ गांठ कर हरियाणा की बड़ी तहसीलों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।
रजिस्ट्री के नाम पर जमकर लूटपाट।
अन्य प्रदेशों से जीपीए बनाकर रजिस्ट्री का खेल गुरुग्राम वजीराबाद बादशाहपुर तहसीलों में खुलेआम हो रहा है यहां तक की जीपीए भी बनाई जा रही है और उनके मार्फत रजिस्ट्री की जा रही है ने तो रजिस्ट्री करते समय निक की जरूरत समझते हैं और ना ही किसी और कागजात की साथ गांठ कर तहसीलों में बड़ा खेल चल रहा है।
जब इस पूरे मामले में जिला उपायुक्त अजय कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया जिसके चलते उनका सरकारी पक्ष नहीं लिया जा सका लेकिन कुछ दिन पहले जिला उपायुक्त अजय कुमार द्वारा मानेसर बादशाहपुर फरुखनगर वजीराबाद इन तहसीलों के तहसीलदारों की जांच कराई थी लेकिन जांच में क्या हुआ अभी तक जिला उपयुक्त की तरफ से कोई बड़ा खुलासा नहीं किया गया जिससे ऐसा प्रतीत होता है की धान के सामने सब दब गए।








