बिहार की राजनीति में इस वक्त बयानबाज़ी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला बिहार में नहीं बल्कि दिल्ली में होगा। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही तय करेंगे कि बिहार का अगला सीएम कौन बनेगा।
नीतीश कुमार पर साधा निशाना
भागलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव से पहले किए गए वादों, खासकर युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का क्या हुआ।
इस्तीफे के बाद बढ़ी हलचल
प्रशांत किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है जब नीतीश कुमार हाल ही में एमएलसी पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद भी छोड़ेंगे।
“एक बिहारी, सब पे भारी” पर सवाल
किशोर ने कहा कि आज की राजनीति में “एक बिहारी, सब पे भारी” का नारा कमजोर पड़ गया है और बाहरी प्रभाव ज्यादा हावी हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार बदलते गठबंधनों ने नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।
जन सुराज का एजेंडा
उन्होंने साफ किया कि उनका लक्ष्य सिर्फ चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बिहार में स्थायी बदलाव लाना है। जन सुराज अभियान के तहत वे गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार को छह महीने का समय दिया जाएगा और अगर वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
CM चेहरे पर सस्पेंस बरकरार
मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों पर भी प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चाहे कोई भी नाम सामने आए, अंतिम फैसला दिल्ली के नेतृत्व के हाथ में ही होगा। इस बीच, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के नाम को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
अन्य मुद्दों पर भी बोले
इसके अलावा, उन्होंने पटना की एक छात्रा से जुड़े मामले पर भी बयान दिया और कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने आशंका जताई कि सीबीआई जांच से मामला कमजोर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, प्रशांत किशोर के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में नेतृत्व को लेकर क्या फैसला होता है और क्या वाकई दिल्ली से तय होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री ?







